JEE(MAIN) फिजिक्स की तैयारी

दुनिया की सबसे कठिनतम परीक्षाओं में से एक JEE(MAIN) को  क्रैक करने के लिए सबसे आसान सी  दिखने वाली एक मात्र कठिनतम शर्त है रोज अभ्यास करना। एक अंग्रेजी कहावत भी है कि “SUCCESS IS THE SUM OF SMALL EFFORTS REPEATED DAY IN  & DAY OUT”  . फिजिक्स की तैयारी करने के केवल दो ही तरीके हो सकते  है या तो इससे प्यार हो जाये या फिर इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर जंग  छेड़ दी जाये।पहले वाले तरीके में तो जो कुछ भी होना है खुद ही हो जाना है इसलिए इतना तय जाने कि  हम में से ज्यादातर लोगो को जंग ही लड़नी होगी।

तो आइये पहले हम कैसे पढ़े, क्या पढ़े और कितना पढ़े इस विषय पर बात कर लेते हैं। देखिये हमारी दिनचर्या में स्कूल,कोचिंग (यदि है तो),के साथ मैथ केमिस्ट्री और दो एक अन्य विषय भी शामिल हैं। इसका अर्थ ये हुआ की हम हमारे परिवार अथवा समाज के सबसे व्यस्ततम लोगों में से हैं। फिजिक्स के लिए निर्धारित किये गए  समय में  से 80 % प्रश्नों का अभ्यास और 20% थ्योरी व कॉन्सेप्ट के लिए दिया जाना उत्तम रहता है। स्कूल अथवा कोचिंग के शिक्षकों को खूब ध्यान से सुनने पर थ्योरी पर अच्छी पकड़ हो जाती है अतः घर पर जब भी अभ्यास आरम्भ करे वे प्रश्नों को सॉल्व करने पर ही आधारित हों इसका विशेष ध्यान रखें । नियमित क्लासेज अटैंड करना और DOUBTS क्लियर करते जाना तैयारी को अपने नियंत्रण में रखने के लिए बहुत अहम् है।

बहुत सी किताबें और आधी अधूरी कमाई ये तैयारी का सबसे विभत्स तरीका है। शुरुआत  केवल दो ही किताबों को साथ करना तर्कसंगत होगा।  पहला NCERT और दूसरी HC VERMA। दरअसल NCERT में विषयों  को काफी कम शब्दों में कहा गया है और  इसकी भाषा भी थोड़ी कठिन प्रतीत होती है,परन्तु JEE के अधिकांश प्रश्न इसी किताब से पूछे जाते हैं, अतः पावर ऑफ़ NCERT को जानें, WORKED OUT EXAMPLES , IN CHAPTER SOLVED EXAMPLE, QUESTION FOR SHORT ANSWER, OBJECTIVE QUESTIONS और EXERCISE के साथ NCERT एक्सम्प्लर को लगाना भी न भूलें। यूँ तो  HC VERMA को पूरी तरह लगा जाना एक अत्यंत ही महत्वाकांक्षी प्रयास होगा परन्तु 24 साल से चल रही इस पुस्तक में जहां बेसिक कांसेप्ट की जड़े हैं  वही JEE एडवांस पर भी  इसका एक छत्र राज चलता है।थ्योरी समझने के तुरंत बाद प्रश्नों को हल करना और इस प्रकार का  निरंतर अभ्यास आपकी तैयारी को निश्चित ही पुष्ट कर देगा।इसके बाद जिन पुस्तकों की आपको जरुरत पड़ेंगी वे हैं D C PANDEY और 40 YEAR JEE (चैप्टरवाइज एवं टॉपिक वाइज )  इनके सवालों की प्रैक्टिस करके आप अपनी तैयारी को पूर्ण समझ सकते हैं। 

ये तो थी 100 प्रतिशत मार्क्स प्राप्त करने की रणनीति अब आईये 60 से 70 प्रतिशत मार्क्स लाने  की रणनीति पर चर्चा करते हैं। दोस्तों ! आप जानते है JEE(MAIN) में MECHANICS और  ELECTRODYNAMICS  से सर्वाधिक प्रश्न पूछे जाते हैं. पिछले 10 वर्षों के पेपर्स पर ध्यान दे तो इन दोनों टॉपिक्स की हिस्सेदारी लगभग 50 से  60 प्रतिशत तक रहती है।अतः पहले MECHANICS की बात , इसमें KINEMATICS को तैयार करते समय MOTION IN 1D, MOTION IN 2D, PROJECTILE MOTION, एवं CIRCULAR MOTION के कांसेप्ट को सही करके इससे सम्बंधित सभी प्रश्न तैयार कर लें , दूसरा है LAW OF MOTION, इससे ज्यादा सवाल नहीं पूछे जाते लेकिन इसे जरूर तैयार रखे क्योकि ये एक अत्यंत ही फ़ण्डामेंटल चैप्टर है और इसकी जरुरत दूसरे चैप्टर्स के सवालों को सॉल्व करने में पड़ती रहती है। लगभग यही स्थिति WORK POWER & ENERGY की भी है अतः इसे भी आपको शामिल रखना होगा। इसके बाद है CENTER OF MASS & COLLISION, इसके सारे इम्पोर्टेन्ट फार्मूला को याद कर ले आप चाहे तो PARTIAL ELASTIC COLLISION को स्किप कर सकते है लेकिन पूरी कोशिश करें कि ELASTIC एवं INELASTIC COLLISION के प्रश्न आप से बनने लगें। आखिरी में आता है ROTATIONAL MOTION, ये अत्यंत ही महत्वपूर्ण चैप्टर हैं, MECHANICS के तमाम कांसेप्ट का उपयोग अकेले इसी चैप्टर  में होता है इसलिए इसे मल्टीपल कांसेप्ट इन्वोल्विंग चैप्टर भी कहा गया है।

अगला महत्वपूर्ण चैप्टर है ELECTRODYNAMICS, यह थ्योरी और फार्मूला से भरपूर चैप्टर है  इसमें ELECTROSTATICS & CAPACITANCE , MAGNETIC EFFECT OF CURRENT, CURRENT ELECTRICITY,और  E.M.I. & A.C. इत्यादि शामिल हैं। यदि आपकी GRAVITATION चैप्टर पर अच्छी पकड़ है तो ELECTROSTATICS में काफी सहयोग हो सकता है परन्तु अच्छे कांसेप्ट के लिए आपको हर हल में ELECTROSTATICS पर काम करना होगा। MAGNETIC EFFECT OF CURRENT से ज्यादातर फंडामेंटल और फार्मूला बेस्ड प्रश्न पूछे जाते है जो प्रायः सीधे और साधारण सवाल होते हैं। CURRENT ELECTRICITY की तुलना हम ROTATIONAL MOTION से कर सकते है, इसमें से प्रायः काफी सवाल होते हैं अतः इस पर पर्याप्त ध्यान की आवश्यकता होगी।इसी प्रकार E.M.I. & A.C.से भी सवालों की संख्या अच्छी रहती है, कुल मिला कर MECHANICS और  ELECTRODYNAMICS पर आपको अच्छे से काम करने की जरुरत है।   

वैसे तो THERMAL PHYSICS का इम्पोर्टेंस थोड़ा कम ही है लेकिन प्रश्नों की दृष्टी से इसे बिलकुल इग्नोर भी नहीं किया जा सकता। HEAT TRANSFER & CALORIMETRY के अलावे THERMODYNAMICS के दो इम्पोर्टेन्ट फॉर्मूले, “लॉ ऑफ़ थर्मोडाइनामिक्स ” और “काइनेटिक थ्योरी ऑफ़ गैसेस” के एप्लीकेशन पर यदि आप नियंत्रण पा  लेते हैं तो आप काफी सारे सवालों को सॉल्व कर पाने में सक्षम हो जायेंगे।  

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