इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

कोर्स, एडमिशन, जॉब, सैलरी, करियर

By अजय मिश्रा

 

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्या है

बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (B.Tech. Electrical Engineering ) 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट कोर्स है जहां स्टूडेंट्स इलेक्ट्रिसिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं एलेक्ट्रोमैग्नेटिस्म से सम्बंधित विषयों का अध्ययन करते हैं। इंजीनियरिंग का यह क्षेत्र पहली बार १९वी शताब्दी के अंत में अपने अस्तित्व में आया जब इलेक्ट्रिक टेलीग्राफ एवं इलेक्ट्रिक पावर सप्लाई का व्यावसायिक चलन आरम्भ हुआ। आगे चल कर इसमें अनेकों अन्य आयाम जैसे पॉवर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कण्ट्रोल सिस्टम,सिगनल प्रोसेसिंग एवं टेलीकम्यूनिकेशन जुड़ते चले गये। इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग के विशेष शाखा के चलन के बावजूद भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग के तमाम विषय शामिल रहते हैं दरअसल इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का सम्बन्ध बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिकल सिस्टम से होता है जैसे पॉवर ट्रांसमिशन अथवा मोटर कन्ट्रोल इत्यादि।जबकि इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में छोटे स्तर के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स जैसे इंटीग्रेटेड सर्किट अथवा कंप्यूटर का विश्लेषण किया जाता है।इसके अतिरक्त इंजीनियरिंग के अन्य विभिन्न शाखाएँ जैसे कंप्यूटर इंजीनियरिंग,पावर इंजीनियरिंग, टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, रेडियो फ्रीक्वेंसी इंजीनियरिंग, सिग्नल प्रोसेसिंग, इंस्ट्रूमेंटेशन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इत्यादि सभी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से ही उत्पन्न एवं चलन में हैं। किसी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को इंडस्ट्रीज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के लिए दक्ष किया जाता है जहां ये  सर्किट थ्योरी से ले कर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट तक के कार्यो का निर्वहन करते हैं।

 

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एडमिशन

एडमिशन हेतु शैक्षणिक मानदंड(academic criterion) को तीन कोर्स / प्रोग्राम के लिए  विभाजित किया गया है :-

1 . डिप्लोमा : यह तीन वर्षीय प्रोग्राम है जो 10वी की परीक्षा उत्तीर्ण करने बाद से किया जाता है।

2 . बी टेक : यह 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है जिसे 12वी की परीक्षा उत्तीर्ण करने बाद से किया जाता है यहां  विद्यार्थी के पास किसी भी रेकग्नाइज़्ड बोर्ड द्वारा फिजिक्स, केमिस्ट्री, एवं मैथ में न्यूनतम 60%(कुछ कॉलेजो में 50%) अंको का  होना आवश्यक होता है।  कुछ इंस्टीटूशन डिप्लोमा होल्डर को लैटरल एंट्री द्वारा  डायरेक्ट बी टेक सेकंड ईयर में भी एडमिशन लेते है।    

3 . एम टेक : यह 2 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है जिसे बी टेक के बाद किया जाता है।  इसके अतिरिक्त रिसर्च के क्षेत्र में PhD (डॉक्टर ऑफ़ फिलॉसफी) डिग्री भी प्राप्त की जाती है।

बी टेक में एडमिशन के लिए हमारे देश में हर वर्ष विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन किया जाता है जिनमे

JEE(main) व JEE Advanced  https://jeemain.nta.nic.in

BITSAT https://www.bitsadmission.com

UPSEE https://upsee.nic.in/

SRMJEEE www.srmuniversity.ac.in

COMEDK https://www.comedk.org/ इत्यादि कुछ प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं हैं।

हमारे देश में मेकेनिकल इंजीनियर कोर्स के लिए कुल 31 NIT कॉलेज है जिनमे 20 पुराने  स्थापित इंजीनियरिंग इंस्टीटूशन है जबकि 11 नए स्थापित किये हुए है | NIT तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु ),NIT राउरकेला (उड़िशा),NIT सूरथकल (कर्नाटक),NIT वारंगल(तेलंगाना), MNNIT (उत्तर प्रदेश),NIT विश्वेस्वरया (महाराष्ट्र),NIT कालीकट (केरल),SVNIT (गुजरात), NIT सिलचर (असम), एवं NIT दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) आदि इनमे प्रमुख 10 नाम हैं। इसी प्रकार कुल 23 IITs, 20 GFTIs व 24 IIITs कॉलेज हैं जहां इस कोर्स का आयोजन किया जाता है।

JEE(main) एवं JEE Advanced में स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को NIT,IIT,IIIT के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला मिलता है।वहीं UPSEE(उत्तर प्रदेश ) एवं COMEDK(कर्नाटक) जैसे अनेक राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं। कई प्राइवेट कॉलेज जैसे BITSAT, SRMJEEE आदि अपने निजी स्तर पर भी एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन करते हैं। देश के अधिकांश कॉलेजों में एडमिशन JEE(main) में प्राप्त अंकों के आधार पर भी होता है वहीं कुछ इंस्टीटूशन में डायरेक्ट एडमिशन की भी व्यवस्था होती है । हमारे देश में इस कोर्स के लिए अधिकांश कॉलेजो की औसत फी INR 4 to 10 लाख होती है। इस कोर्स के लिए सरकारी कॉलेजों में औसतन फी  INR 2 से 4 लाख ली जाती है वही  कुछ प्राइवेट कॉलेजों में इस कोर्स के लिए  में 3 से 6 लाख रूपए तक फी ली जाती है। बी टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) कोर्स में डायरेक्ट एडमिशन, मेरिट अथवा मैनेजमेंट कोटा के माध्यम से  भी लिया जाता है जिसकी औपचारिकता www.yuvaindia.in के माध्यम से भी पूरी की जा सकती है।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सिलेबस

बी टेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का कोर्स 8 सेमेस्टर में विभाजित है। यहां एक वर्ष में दो सेमेस्टर क्लियर करने का प्रावधान है। सेमेस्टर के अनुसार इस कोर्स का विवरण इस प्रकार है :-

सेमेस्टर 1 :- कम्युनिकेटिव इंग्लिश 1, फिजिक्स/केमिस्ट्री,कैलकुलस, मैट्रिक्स अलजेब्रा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, इंजीनियरिंग मैकेनिक्स/इंट्रोडक्शन टू थर्मोडायनामिक्स, इन्जिनीरिंग ड्राइंग1, फिजिक्स लैब /केमिस्ट्री लैब,कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैब, वर्कशॉप A व वर्कशॉप B एवं सांस्कृतिक शिक्षा।

सेमेस्टर 2:- ह्युमैनिटीज इलेक्टिव-1, फिजिक्स/केमिस्ट्री, वेक्टर कैलकुलस एवं डिफरेंशियल कैलकुलस, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग, इंट्रो टू थर्मोडायनामिक्स/इंजीनियरिंग मेकेनिक्स, इन्जिनीरिंग ड्राइंग-2, फिजिक्स लैब /केमिस्ट्री लैब, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैब, वर्कशॉप A व वर्कशॉप B एवं सांस्कृतिक शिक्षा। 

सेमेस्टर 3:- इंटीग्रल ट्रांसफॉर्म एंड काम्प्लेक्स एनालिसिस, इलेक्ट्रिक सर्किट, डिजिटल सिस्टम, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, साइंस इलेक्टिव-1, ह्यूमेनिटीज़ इलेक्टिव-1, सिमुलेशन लैब एंड इलेक्ट्रिकल वर्कशॉप एवं इलेक्ट्रिक सर्किट लैब।

सेमेस्टर 4:- मैथेमैटिकल स्टेटिस्टिक्स एंड न्यूमेरिकल मेथड, इलेक्ट्रिकल मेज़रमेंट एंड इंस्ट्रूमेंटेशन, इलेक्ट्रिक मशीन-1, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थ्योरी, साइंस इलेक्टिव-2, ह्यूमेनिटीज़ इलेक्टिव-2, इलेक्ट्रिकल मशीन लैब-1, मेज़रमेंट  एंड डिजिटल सर्किट लैब एवं सॉफ्ट स्किल ।

सेमेस्टर 5:- इंट्रोडक्शन तो माइक्रो कंट्रोलर एंड एप्लीकेशन, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट-2, माइक्रो प्रोसेसर, एनालॉग कम्युनिकेशन, कण्ट्रोल इंजीनियरिंग, माइक्रो कंट्रोलर लैब, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट लैब-2 एवं सॉफ्ट स्किल-2 ।

सेमेस्टर 6 :- VLSI डिज़ाइन,डिजिटल कम्युनिकेशन,ट्रांसमिशन लाइन एंड रेडिएटिंग सिस्टम,इलेक्टिवे 1,इनविरोन्मेंटल स्टडीज,VLSI डिज़ाइन लैब, डिजिटल कम्युनिकेशन लैब, सेमिनार एवं सॉफ्ट स्किल 3 ।

सेमेस्टर 7 :- पॉवर सिस्टम प्रोटेक्शन एंड स्विच गियर, इलेक्ट्रिकल ड्राइवर एंड कंट्रोलर, इनविरोन्मेंटल स्टडीज, इलेक्टिव-   2,  इलेक्टिव-3, प्रिंसिपल ऑफ़ मैनेजमेंट, पॉवर सिस्टम सिमुलेशन लैब एवं पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब।

सेमेस्टर 8 :- इलेक्टिव-4 , मैनेजमेंट इलेक्टिव एवं प्रोजेक्ट

कोर्स के दरम्यान विभिन्न कम्पनीज़ कैंडिडेट को इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के लिए आमंत्रित करतीं हैं जो की व्यावहारिक ज्ञान एवं पेशेवर दृष्टि से काफी उपयोगी सिद्ध होता है।

 

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जॉब

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का सीधा सम्बन्ध एनर्जी अथवा ऊर्जा से होता है जो लगभग हर इंडस्ट्री की पहली बुनियादी जरुरत है। किसी विशेष प्रयोजन के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम को डिज़ाइन व डेवेलप  करना साथ ही उसकी सेफ्टी, क्वालिटी, रिलायबिलिटी एवं इकोनॉमी जैसे महत्वपूर्ण पक्षों को इंडस्ट्रीज के अनुरूप प्रस्तुत करना एक अनवरत जरुरत है और यही कारण है की इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के लिए रोजगार प्राप्त करना कभी समस्या नहीं होती। बिल्डिंग इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज, ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क, कंस्ट्रक्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग,प्रोडक्शन एंड डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ पॉवर जैसे क्षेत्रों में इनके लिए करियर की खूब संभावनाएं उपलब्ध रहती हैं। इसके साथ ही ऐसे इंडस्ट्रीज  जो डिफेन्स, फार्मास्यूटिकल, ऑटोमोटिव, केमिकल, सिस्टम मैनेजमेंट,अथवा प्रोडक्ट डेवलपमेंट से जुड़े हुए हैं , वे भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को बेहतर रोजगार का अवसर देते हैं। जहां ये वर्कशॉप मैनेजर, ऑपरेशन मैनेजर,इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजिस्ट, इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट डिज़ाइन इंजीनियर, चीफ इंजीनियर, अथवा प्रोजेक्ट हेड के हैसियत से कार्यों का वहन करते हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को जॉब ऑफर करने में MNC कम्पनीज, स्टील, सीमेंट, फ़र्टिलाइज़र, पेट्रोकेमिकल, शिपिंग इत्यादि भी पीछे नहीं, साथ ही एक बड़े संख्या में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को गवर्नमेंट सेक्टर में भी एम्प्लॉयमेंट का अवसर उपलब्ध रहता है। जिनमे पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (PGCIL);भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड(BEL);भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (BHEL);नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन(NTPC);कोल इंडिया लिमिटेड(CIL);आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ONGC); स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड(SAIL) आदि कुछ प्रमुख नाम हैं।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सैलरी

एक एंट्री लेवल का इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जिसका अनुभव 1 से 4 वर्ष का हो उसे साधारणतः INR 3 लाख तक की सैलरी पैकेज ऑफर की जाती है, जबकि अपने करियर के मध्य में जहां उसका अनुभव 5 से 9 वर्ष का होता है, इन्हें  INR 5 लाख तक का पैकेज दिया जाता  हैं। 10 से 20 वर्ष का अनुभव होने पर सैलरी पैकेज INR 7 लाख तक हो जाती है और अपने करियर आखरी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर INR 10 लाख के पैकेज पर काम करते हैं। देश में सर्वाधिक सैलरी पैकेज देने वाले कम्पनीज में लार्सन एंड टॉरबो लिमिटेड, टोरेंट पॉवर, सीमेंस लिमिटेड, ए बी बी इंडिया  आदि हैं जहां औसतन  INR 5 लाख से 12 लाख तक का पैकेज होता है। वहीं माइक्रोन इलेक्ट्रिकल जैसी कंपनी सैलरी पैकेज के निचले स्तर पर लगभग INR 2 .5 लाख का पैकेज ऑफर करती है। हालाँकि टोरेंट पॉवर एवं सीमेंस लिमिटेड का भी न्यूनतम स्तर INR 3 से INR 5 लाख तक का ही है। साधारणतः सैलरी पैकेज का सम्बन्ध अनुभव,जिम्मेवारी एवं पद से होता है। उदाहरण के लिए, एक सीनियर इलेक्ट्रिकल  इंजीनियर जिसकी रेस्पोंसिबिलिटी निति का निर्माण एवं उसका अनुपालन करना, रणनीति तैयार करना, विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक/इलेक्ट्रिकल संयंत्रों का डिजाइनिंग,टेस्टिंग,इंस्टॉलिंग आदि होता है उन्हें INR 6 to 7 लाख तक का पैकेज ऑफर किया जाता है। वहीं एक मेंटेनेंस इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जिसकी जिम्मेवारी विभिन्न इंडस्ट्रियल मशीनरी एवं टूल्स/इक्विपमेंट आदि को सुचारु रूप से चलाने की होती है उसे INR 3 to 4 तक का सैलरी पैकेज ऑफर किया जाता है। पर्याप्त अनुभव होने पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के लिए विदेशों में भी अच्छी सम्भावनाएं उपलब्ध होती है। USA एवं कनाडा आदि देशों में इन्हे 50 लाख रूपये  से भी अधिक का पैकेज ऑफर किया जाता है।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करियर

B.TECH(EE) के लिए ग्रेजुएशन के बाद करियर के लिहाज से विद्यार्थोयों का रुझान विभिन्न क्षेत्रों  देखा जाता है जैसे :-

1 . GATE :- इस परीक्षा के माध्यम से  पब्लिक सेक्टर यूनिट जैसे ONGC,PGCIL,BARC,BHEL IOCL,ISRO,SAIL,GAIL,RINL,DRDO इत्यादि में जॉब प्राप्त करना।

2 . IES :- यह रेलवे में ग्रुप-A अफसर  (IRSEE) के लिए नियुक्ति देता  है।

3 . रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) के माध्यम से सीनियर सेक्शन इंजीनियर अथवा लोको पायलट आदि का जॉब प्राप्त करना।

4 . प्रादेशिक TRANSCO एवं GENCO :- यह विभिन्न राज्यों के इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन हैं जो इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को राज्य स्तर की परीक्षा द्वारा नियुक्ति देते हैं।

5 .सॉफ्ट वेयर जॉब :- विभिन्न लैंग्वेज जैसे C, पाइथन, डाटा स्ट्रक्चर, वेब डेवलपमेंट, एनालिटिक्स एवं मशीन लर्निंग आदि के माध्यम से जॉब प्राप्त करना।

6 . नेवी, एयर फोर्स व आर्मी में भी B.TECH(EE) की अच्छी मांग देखी जाती है।

7 . GRE या TOEFL के माध्यम से विदेशों के विश्व विद्यालय से M.Sc करना।

8 .IIM से MBA करना आदि।

इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के जॉब (SSC) के माध्यम से जैसे SSC-CGL,SSC-JE,SSC-CHSL में  भी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट के लिए करियर की संभावनाएं उपलब्ध रहती हैं।