कॉमर्स

व्यवसाय एवं उद्योग जगत में कॉमर्स कोर्सेज का प्रभाव सदा से ही रहा है परन्तु अब कई प्रकार के डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्सेज इसमें रोजगार के अवसरों को और भी व्यापक बना रहीं हैं। 

इस कोर्स के 3 स्वरूप हैं जैसे बी कॉम (जनरल), बी कॉम(ऑनर्स) एवं बी कॉम(एल एल बी)। विभिन्न यूनिवर्सिटीज में बी.कॉम या  बी.कॉम (जनरल) को बी.कॉम पास की संज्ञा भी दी जाती है।

गैर टेक्निकल क्षेत्रों में, CA हमारे देश का सर्वाधिक मानदेय वाला क्षेत्र माना जाता है एवं कॉमर्स के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट करियर विकल्प की दृष्टि से देखा जाता है। 

किसी कंपनी के लिए CS (कंपनी सेक्रेटरी) एक प्रधान पद की तरह होता है जिसे कंपनी के विवेक की भी संज्ञा दी जा सकती है। कंपनी सांविधिक एवं नियमों के अधीन कार्य करती रहे इसकी चेतना CS के अंदर ही मानी जाती है।

यह प्रोग्राम मूलतः मानव संसाधन (human resource), इकोनॉमिक्स, बिज़नेस तकनीक, ट्रेडिंग, फाइनेंस, स्टॉक एवं रिस्क एनालिसिस, एंटरप्रेन्योरशिप  आदि विषयों से सम्बंधित अध्ययन के लिए डिज़ाइन किया गया है।

CMA एक पेशवेर प्रमाणीकरण का परिचय पत्र है  इस बात की पुष्टि करता है की सम्बद्ध व्यक्ति फाइनेंसियल प्लानिंग, एनालिसिस, कण्ट्रोल, डिसिशन सपोर्ट एवं प्रोफेशनल एथिक्स आदि के क्षेत्र में पूर्णतः निपूर्ण है।

CFP (सर्टिफाइड फाइनेंसियल प्लानर) कोर्स  मुख्यतः वित्तीय विशेषज्ञता के साथ ऐसे पेशेवर विकल्प को विकसित करता है जो आर्थिक अथवा मौद्रिक परामर्शदाता के रूप में कार्य कर सके ।

रोजगार एवं अनुभव के साथ उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत विद्यार्थियों के लिए डिप्लोमा कोर्सेज सहायक साबित होते हैं। 

कमिंग सून

क्यों करें ये कोर्सेज

उद्योग जगत में निरंतर प्रगति के साथ स्किल पेशेवरों की आवश्यकता भी बढ़ी है। पारम्परिक तौर तरीकों के साथ नई तकनीक अब प्रतिस्पर्धा के अंग हैं। ये कोर्सेज आप के जीवन एवं रोजगार के लिए बुनियादी संरचना साबित होंगे।