केमिकल इंजीनियरिंग

कोर्स, एडमिशन, जॉब, सैलरी, करियर

By अजय मिश्रा

 

केमिकल इंजीनियरिंग क्या है (What is Chemical Engineering)  

केमिकल इंजीनियरिंग में  मूल रूप से केमिस्ट्री, बायोलॉजी, फिजिक्स एवं मैथेमेटिक्स के सिद्धांतो के आधार पर विभिन्न केमिकल प्रोडक्ट्स जैसे ईंधन, मेडिसिन, पेपर, टेक्सटाइल आयल व गैस अथवा फ़ूड एवं ड्रिंक्स इत्यादि अनेकों  प्रोडक्ट्स के निर्माण एवं इस्तेमाल से सम्बंधित विषयों का अध्ययन किया जाता है।आधुनिक युग में जहां पेंट, प्लास्टिक, फ़र्टिलाइज़र, सेमीकंडक्टर की उपयोगिता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, वहीं पर्यावरण के संरक्षण के सम्बन्ध में भी काफी कुछ किये जाने की आवश्यकता  है। ऐसे परिवेश में केमिकल इंजीनियर द्वारा निर्मित प्यूरिफिकेशन एंड क्लीनिंग टेक्नोलॉजी की  प्रासंगिकता को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। केमिकल इंजीनियर को यूनिवर्सल इंजीनियर के नाम से भी जाना जाता है, दरअसल इंजीनियरिंग एवं केमिस्ट्री इन दोनों ही विषयों के समायोजन द्वारा अपशिष्ट पदार्थो (waste material) को पुनः उपयोगिता में लाने से ले कर सीमित  प्राकृतिक संसाधनों के स्थान पर सिंथेटिक मैटेरियल के निर्माण का कार्य केमिकल इंजीनियर ही करते हैं। वर्तमान समय में स्थित अनेकों टेक्निकल क्षेत्र जैसे बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, नैनो टेक्नोलॉजी, फ्यूल सेल इत्यादि विभिन्न केमिकल इंजीनियरिंग सब्जेक्ट केमिकल इंजीनियरिंग के अंतर्गत आने वाले विषय हैं।

 

केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स (chemical engineering course)

यह कैंडिडेट को साधारणतः बड़े पैमानें पर वस्तुओं के उत्पादन के लिए प्रशिक्षण देता है। अधिकांश कॉलेजो में मुख्यतः थर्मोडायनामिक्स, हीट ट्रान्सफर, मास ट्रांसफर, मोमेंटम ट्रांसफर, ट्रांसपोर्ट फेनोमेना, प्रोसेस कैलकुलेशन, रिएक्शन इंजीनियरिंग एवं फ्यूल इत्यादि विषयों पर अध्ययन कराया जाता है। इसके लिए इस (chemical engineering Subject) की डिज़ाइन भी उसी प्रकार की गयी है। जैसे:- 

प्रोसेस डिज़ाइन एंड कण्ट्रोल : यह वस्तुओं के निर्माण एवं उसके डिज़ाइन की प्रक्रिया का अध्ययन है, जिसमे डिस्टिलेशन व एवापोरेशन आदि यूनिट ऑपरेशन के अलावे डायनामिक एवं कण्ट्रोल प्रोसेस का ज्ञान दिया जाता है। 

केमिकल रिएक्शन इंजीनियरिंग : यह थर्मोडायनामिक्स एवं काइनेटिक्स ऑफ़ रिएक्शन से सम्बंधित है।

ट्रांसपोर्ट फेनोमेना : यह मास ट्रांसफर एवं हीट ट्रांसफर का विषय है। जहां कैंडिडेट द्रव्यमान, ऊष्मा एवं संवेग के एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थान्तरण की प्रक्रिया को समझता है।

इक्विपमेन्ट एंड प्लांट डिज़ाइन : यहां विभिन्न  इक्विपमेन्ट को  डिज़ाइन करना सिखाया जाता है जैसे डिस्टिलेशन कॉलम, हीट एक्सचेंजर आदि। 

कैलकुलस : इंजीनियरिंग का यह क्षेत्र मैथ से अति प्रभावित माना जाता है अतः कैलकुलस का प्रखर ज्ञान इसमें अति आवश्यक है।

 

केमिकल इंजीनियरिंग सिलेबस (chemical engineering syllabus)

सेमेस्टर 1 :- बायो केमिकल इंजीनियरिंग एंड बायो इन्फार्मेटिक्स, कारोज़न (जंग) इंजीनियरिंग,  नैनो टेक्नोलॉजी,  मेटालर्जी, प्रोसेस डिज़ाइन, कण्ट्रोल एंड डेवलपमेंट, थर्मोडायनामिक्स, पेपर इंजीनियरिंग एवं टेक्सटाइल इंजीनियरिंग ।

सेमेस्टर 2 :- प्लास्टिक इंजीनियरिंग, न्युक्लीअर रीप्रोसेसिंग, इंडस्ट्रियल गैस, कारोज़न एंड इनविरोन्मेंटल इंजीनियरिंग, केमिकल प्रोसेस मॉडलिंग, बायो मेडिकल इंजीनियरिंग, स्टडी ऑफ़ केमिकल रिएक्टर्स एवं इलेक्ट्रो केमिस्ट्री ।

सेमेस्टर 3 :-  इंजीनियरिंग केमिस्ट्री 1,  प्रोसेस कैलकुलेशन,  एप्लाइड मैथमेटिक्स 2,  केमिकल इंजीनियरिंग थर्मोडायनामिक्स 1,  फ्लूइड फ्लो ऑपरेशन,  केमिकल टेक्नोलॉजी,  लैब प्रैक्टिस (इंजीनियरिंग केमिस्ट्री) एवं लैब प्रैक्टिस (केमिकल इंजीनियरिंग) ।

सेमेस्टर 4 : इंजीनियरिंग केमिस्ट्री 2, मैकेनिकल इक्विप मेन्ट डिज़ाइन, एप्लाइड मैथमेटिक्स-4, केमिकल इंजीनियरिंग थर्मोडायनामिक्स-2, सॉलिड-फ्लूइड मैकेनिकल ऑपरेशन, केमिकल इंजीनियरिंग इकोनॉमिक्स, लैब प्रैक्टिस-इंजीनियरिंग 2 एवं  केमिकल इंजीनियरिंग लैब-3 ।

सेमेस्टर 5 : बिज़नेस कम्युनिकेशन एंड एथिक्स , (CRE I) केमिकल रिएक्शन इंजीनियरिंग -1,मास्स ट्रांसफर ऑपरेशन -1,हीट ट्रांसफर ऑपरेशन एवं इलेक्टिव : पाइपिंग इंजीनियरिंग एडवांस मटेरियल साइंस इंस्ट्रूमेंटेशन कोलॉइड्स एंड इंटरफेस।

सेमेस्टर 6 : ट्रांसपोर्ट फेनोमेना, केमिकल रिएक्शन इंजीनियरिंग -2,  मास्स ट्रांसफर ऑपरेशन -2,  इनविरोन्मेंटल इंजीनियरिंग एवं इलेक्टिव : ऑपरेशन रीसर्च कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डाइनामिक्स बायोटेक्नोलॉजी ।  

सेमेस्टर 7 :  प्रोसेस इंजीनियरिंग,  प्रोसेस इक्विप मेन्ट डिज़ाइन, प्रोसेस डाइनामिक्स एंड कण्ट्रोल एवं  इलेक्टिव : कारोज़न इंजीनियरिंग पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी इंडस्ट्रियल ऑर्गनाइज़ेशन एंड मैनेजमेंट। 

सेमेस्टर 8 : एनर्जी स्ट्रीम्स डिज़ाइन, मॉडलिंग, सिम्युलेशन एंड ऑप्टिमाइज़ेशन, प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग एंड एंटरप्रेन्योरशिप मैनेजमेंट इलेक्टिव : टोटल क्वालिटी ,मैनेजमेंट पॉलीमर टेक्नोलॉजी एडवांस प्रोसेस कण्ट्रोल एडवांस सेपेरशन टेक्नोलॉजी  प्रोजेक्ट/सेमिनार/लैब प्रक्टिस।

केमिकल इंजीनियरिंग एडमिशन (Chemical engineering admission)

एडमिशन हेतु शैक्षणिक मानदंड(academic criterion) को तीन कोर्स / प्रोग्राम के लिए  विभाजित किया गया है :-

1 . डिप्लोमा : यह तीन वर्षीय प्रोग्राम है जो 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने बाद से किया जाता है।

2 . बी टेक : यह 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है जिसे 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद से किया जाता है यहां  विद्यार्थी के पास किसी भी रेकग्नाइज़्ड बोर्ड द्वारा फिजिक्स, केमिस्ट्री, एवं मैथ में न्यूनतम 60%(कुछ कॉलेजो में 50%) अंकों का  होना आवश्यक होता है।  कुछ इंस्टीटूशन डिप्लोमा होल्डर को लैटरल एंट्री द्वारा भी डायरेक्ट बी टेक सेकंड ईयर में एडमिशन देते है।    

3 . एम टेक : यह 2 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है जिसे बी टेक के बाद किया जाता है।  इसके अतिरिक्त रिसर्च के क्षेत्र में PhD (डॉक्टर ऑफ़ फिलॉसफी) डिग्री भी प्राप्त की जाती है।

बी टेक में एडमिशन के लिए हमारे देश में हर वर्ष विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन किया जाता है जिनमें

JEE(main) व JEE Advanced  https://jeemain.nta.nic.in

BITSAT https://www.bitsadmission.com

UPSEE https://upsee.nic.in/

SRMJEEE www.srmuniversity.ac.in

COMEDK https://www.comedk.org/

इत्यादि कुछ प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं हैं।

हमारे देश में केमिकल इंजीनियर कोर्स के लिए कुल 31 NIT कॉलेज है जिनमे 20 पुराने  स्थापित इंजीनियरिंग इंस्टीटूशन है जबकि 11 नए स्थापित किये हुए है | NIT तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु ), NIT राउरकेला (उड़िशा), NIT सूरथकल (कर्नाटक), NIT वारंगल(तेलंगाना), MNNIT (उत्तर प्रदेश), NIT विश्वेस्वरया (महाराष्ट्र), NIT कालीकट (केरल), SVNIT (गुजरात), NIT सिलचर (असम), एवं NIT दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) आदि इनमे प्रमुख 10 नाम हैं। इसी प्रकार कुल 23 IITs, 20 GFTIs व 24 IIITs कॉलेज हैं जहां इस कोर्स का आयोजन किया जाता है।

JEE(main) एवं JEE Advanced में स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को NIT,IIT,IIIT के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला मिलता है। वहीं UPSEE(उत्तर प्रदेश ) एवं COMEDK(कर्नाटक) जैसे अनेक राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं। कई प्राइवेट कॉलेज जैसे BITSAT, SRMJEEE आदि अपने निजी स्तर पर भी एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन करते हैं। देश के अधिकांश कॉलेजों में एडमिशन JEE(main) में प्राप्त अंकों के आधार पर होता है वहीं कुछ इंस्टीटूशन में डायरेक्ट एडमिशन की भी व्यवस्था होती है । हमारे देश में इस कोर्स के लिए अधिकांश कॉलेजो की औसत फी INR 4 to 10 लाख होती है। इस कोर्स के लिए सरकारी कॉलेजों में औसतन फी  INR 2 से 4 लाख ली जाती है वही  कुछ प्राइवेट कॉलेजों में इस कोर्स के लिए  में 3 से 6 लाख रूपए तक फी ली जाती है। बी टेक (केमिकल इंजीनियरिंग) कोर्स में डायरेक्ट एडमिशन, मेरिट अथवा मैनेजमेंट कोटा के माध्यम से  भी लिया जाता है जिसकी औपचारिकता www.yuvaindia.in के माध्यम से भी पूरी की जा सकती है।

केमिकल इंजीनियरिंग  जॉब  (chemical engineering job)

केमिकल इंजीनियरिंग प्लेसमेंट (chemical engineering placement) के दृष्टि से  स्पेशलाइजेशन का काफी महत्त्व है, इन क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक मैटेरियल, बायो मेडिकल, बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर, प्रोसेस इंजीनियरिंग, फ़ूड प्रोसेसिंग एंड टेक्नोलॉजी यूनिट, एनर्जी, इलेक्ट्रो-केमिकल, सेफ्टी, प्रोसेस-कंट्रोल, एनवायरनमेंट, पॉलीमर्स, पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज, पेट्रोलियम रिफायनरीज, सीमेंट फैक्ट्री, फ़र्टिलाइज़र फैक्ट्री, फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज  इत्यादि नाम प्रमुख हैं। बी टेक केमिकल इंजीनियर के पास रोजगार के लिए विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनी एवं  पब्लिक सेक्टर यूनिट में अनेकों अवसर उपलब्ध रहते हैं। विशेषकर आयल एंड गैस इंडस्ट्री, एनर्जी इंडस्ट्री, फ़ूड इंडस्ट्री एवं फार्मास्यूटिकल में इनकी मांग सदा बनी रहती है। विभिन्न सरकारी अथवा पब्लिक सेक्टर यूनिट में जॉब प्राप्ति के लिए कैंडिडेट को GATE की परीक्षा में स्थान प्राप्त करना होता है। कुछ प्रमुख केमिकल इंजीनियरिंग  इंडस्ट्रीज (chemical engineering industries) जो केमिकल इंजीनियरिंग स्कोप ( chemical engineering Scope) लिहाज से अग्रगण्य मानें जाते हैं वे हैं :

इंडियन आयल कारपोरेशन, आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन, HPCL, BPCL, ऑरोफिन पॉलीमर्स लिमिटेड, एस्सार आयल लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, ग्लैक्सो स्मिथ केलाइन, गुजरात अल्कलीज एंड केमिकल लिमिटेड, जॉनसन मैथी, सलुम्बरजर लिमिटेड, पीरामल हेल्थ केयर, GAIL, रैनबैक्सी, HLL,एवं निरमा।  इसके अतिरिक्त केमिकल इंजीनियरिंग में जॉब का स्कोप हर एक क्षेत्र में देशी अथवा  विदेशी कम्पनीज में बना रहता है। उदाहरण के लिए :

  कार्य के क्षेत्र            देशी कम्पनीज       विदेशी कम्पनीज
     फार्मास्यूटिकल  सिप्ला,लूपिन एवं ग्लेन मार्क प्फिज़ेर, रॉच, व ग्लैक्सोस्मिथ केलाइन 
       फूड(FOOD) अमूल, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज नेस्ले, पेप्सी आदि
कंस्यूमर प्रोडक्ट गोदरेज, ऐसिअन पेंट प्रॉक्टर एंड गैम्बल, यूनिलीवर
      फ़र्टिलाइज़र /पेस्टिसाइड कोरमंडल इंटरनेशनल, GNFC, चम्बल फ़र्टिलाइज़र, राष्ट्रीय केमिकल GSFC,UPL, NFL आदि यारा इंटरनेशनल, बायर क्रॉप साइंस,पोटाश क्रॉप आदि
       ऑटोमोटिव     टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा    ट्योटा, जनरल मोटर्स

टेक्सटाइल में बॉम्बे डाइंग, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, सेंचुरी टेक्सटाइल आदि हमारे देश की कम्पनीज हैं। इसी प्रकार न्यूक्लीयर एनर्जी के क्षेत्र में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर एवं न्यूक्लीयर पावर कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड के नाम आते हैं।

जॉब प्रोफ़ाइल :- केमिकल इंजीनियर के लिए निर्धारित जॉब प्रोफ़ाइल कुछ इस प्रकार हैं :-

प्रोसेस इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर, मेंटेनेंस इंजीनियर, क्वालिटी कण्ट्रोल एवं रीसर्च एंड डेवलपमेंट आदि।

केमिकल इंजीनियरिंग सैलेरी (chemical engineering salary)

हमारे देश में  केमिकल इंजीनियर की औसत सैलेरी पैकेज लगभग ₹5 लाख होती है।

एक एंट्री लेवल का इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जिसका अनुभव 1 से 4 वर्ष का हो उसे साधारणतः INR 4  लाख तक की सैलरी पैकेज ऑफर की जाती है, जबकि अपने करियर के मध्य में जहां उसका अनुभव 5 से 9 वर्ष का होता है, इन्हें  INR 6  लाख तक का पैकेज दिया जाता  हैं। 10 से 20 वर्ष का अनुभव होने पर सैलरी पैकेज INR 10 लाख तक हो जाती है और अपने करियर आखरी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर INR 16  लाख के पैकेज पर काम करते हैं। हालाँकि क्षेत्र में असाधारण प्रतिभा होने अथवा निजी कम्पनीज़ में अच्छी संपर्क की स्थिति मे 16 से 30 लाख का पैकेज भी प्राप्त करते देखा गया है। 

कुछ पब्लिक सेक्टर यूनिट्स जिनकें सैलरी पैकेज की संरचना कुछ इस प्रकार हैं :-

GAIL (गैस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड) – INR 24900 – INR 50500

BPCL (भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड) – INR 24900 – INR 50500

ONGC (आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन लिमिटेड) – INR 24900 – INR 50500

NTPC (नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन लिमिटेड) – INR 24900 – INR 50500

BHEL (भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड) – INR 20,600 –  INR 46,500

CIL (कोल इंडिया लिमिटेड) – INR 20600 – INR 46500

SAIL (स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड) – INR 20600 – INR 46500

BEL (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड) – INR16,400 – INR 40,500

NALCO (नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड) – INR 16,400 – INR 40,500

केमिकल इंजीनियरिंग करियर (chemical engineering career) 

करियर के लिहाज से केमिकल इंजीनियर का भविष्य अच्छा माना जायेगा। यह एक ऐसा ब्रांच है जहां फिजिकल साइंस एवं लाइफ साइंस दोनों का ही एप्लीकेशन संभव होता है। हमारे दैनिक चर्या में प्रयोग होने वाले अधिकांश  वस्तुयें  जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, पेपर या फोटोग्राफिक उपकरण आदि इन्हीं क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। ग्रेजुएशन के बाद इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए अनेकों संभावनाएं हैं जैसे :- इनविरोन्मेंटल इंजीनियर, माइनिंग इंजीनियर, मेटेरियल इंजीनियर, एनालिटिकल इंजीनियर, एनर्जी इंजीनियर, मैन्युफेक्चरर इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर, क्वालिटी इंजीनियर आदि में पर्याप्त अनुभव के बाद जॉब संतुष्टि एवं करियर की महत्वाकांक्षायें पूरी की जा सकती है। 

हालाँकि केमिकल इंजीनियरिंग के पारम्परिक रोजगारपरक क्षेत्रों में इन दिनों सम्भावनाये कम हुई हैं, परन्तु नए दौर के क्षेत्र जैसे नैनोटेक्नोलाजी,अल्टरनेटिव एनर्जी व बायोटेक्नोलॉजी आदि क्षेत्र में करियर के असीम सम्भावनाये हैं। इसके अतिरिक्त अनेक महत्वाकांक्षी युवक MS, MBA, M.Tech अथवा  PhD आदि  के लिए अपने स्टडी को आगे तक ले जाते हैं। जो की करियर को एक नया  आयाम देने में सहयोगी होता है।  पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए अप्लाई करने के लिए  कैंडिडेट के पास ग्रेजुएशन में 60 % अंक न्यूनतम होना आवश्यक है।  साथ ही इस क्षेत्र में M.TECH के लिए GATE एंट्रेंस टेस्ट क्लियर करना होता है। हायर स्टडी के लिहाज  से कुछ लोकप्रिय क्षेत्र हैं :-

इनऑर्गनिक केमिकल टेक्नोलॉजी, केमिकल इंजीनियरिंग थर्मोडायनामिक्स,ऑर्गनिक केमिकल टेक्नोलॉजी,पार्टिकुलेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी,फ्लूइड मैकेनिक्स,मटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, फिजिकल केमिस्ट्री,इनविरोन्मेंटल इंजीनियरिंग आदि।