चार्टेड अकाउंटेंट

Click edit button to change this text. Lorem ipsum dolor sit amet, adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.

By NICK JOHNSON

चार्टेड अकाउंटेंट (CA), सांविधिक निकाय द्वारा एकाउंटिंग पेशेवर को दिए जाने वाला एक designation(पदनाम) है जो यह प्रमाणित करता है की व्यक्ति किसी भी बिज़नेस के अन्तर्गत आने वाले  विभिन्न टैक्सेशन एवं एकाउंटिंग के मामले, जैसे फाइल टेक्स रिटर्न, फाइनेंसियल स्टेटमेंट की ऑडिट, इन्वेस्टमेंट सम्बंधित रिकॉर्ड एवं फाइनेंसियल रिपोर्ट के निर्माण अथवा निस्तारण  आदि के सन्दर्भ में पूर्णतः योग्य एवं दक्ष है। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को वित्तीय अथवा व्यावसायिक सलाहकार की भूमिका में अपनी सेवाएं देने के लिए प्रमाणिक माना जाता है। गैर टेक्निकल क्षेत्रों में, CA हमारे देश का सर्वाधिक मानदेय वाला क्षेत्र माना जाता है एवं कॉमर्स के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट करियर विकल्प की दृष्टि से देखा जाता है। 

चार्टेड अकाउंटेंट (CA) बनने की प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण समझी जाती है इसमें शामिल विभिन्न स्तरों पर होने वाले परीक्षाएं इसकी जटिलताओं के साथ इसकी उत्कृष्टता को भी दर्शाती है। हालाँकि यह कोर्स पांच वर्ष की अविधि वाला ही है परन्तु परीक्षाओं को एक से अधिक बार प्रयास द्वारा पास करने के सन्दर्भ में यह अधिक अविधि वाला भी हो जाता है।

एक सर्टिफाइड चार्टेड अकाउंटेंट बनने के लिए कैंडिडेट को इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टेड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (ICAI) द्वारा स्थापित तीन स्तर पर प्रशिक्षण परीक्षाओं को पास करने का प्रावधान है। ICAI एक सांविधिक निकाय(statutory body) है जो एजुकेशन एवं ट्रेनिंग योजना के अंतर्गत भारत के चार्टेड अकाउंटेंट पेशे को नियंत्रित एवं संधारण(maintain) करता है। इस कोर्स को दो मार्गों से किया जाता है।  पहला फाउंडेशन कोर्स द्वारा एवं दूसरा डायरेक्ट एंट्री के माध्यम से। फॉउण्डेशन कोर्स इस क्षेत्र में प्रवेश द्वार की तरह है जो 10+2(न्यूनतम अंक 55%) के बाद आरम्भ किया जाता है जबकि डायरेक्ट एंट्री के लिए ग्रेजुएशन न्यूनतम अहर्ता है।

हमारे देश में इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टेड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (ICAI), जिन तीन स्तर पर CA की परीक्षा का आयोजन करती है वे हैं :-

1.कॉमन प्रोफिसिएंसी टेस्ट(CPT)

2.इंटरमीडिएट (इंटीग्रेटेड प्रोफेशनल कॉम्पिटेंस) एग्जामिनेशन (IPC)E

3. फाइनल एग्जामिनेशन

कॉमन प्रोफिसिएंसी टेस्ट(CPT),CA कोर्स में एक एंट्री लेवल का एग्जाम होता है जो वर्ष में दो बार जून एवं दिसंबर में आयोजित किया जाता है। यह परीक्षा 200 अंकों की होती है जिसमे कैंडिडेट को कम से कम 100 अंक अर्जित करने होते हैं।

फॉउण्डेशन रूट से एंट्री लेने वाले कैंडिडेट को सर्वप्रथम कक्षा 12 (पास /अपीयरिंग) के उपरांत बोर्ड ऑफ़ स्टडीज(BoS) में रजिस्टर करना होता है। यह रजिस्ट्रेशन जून अथवा दिसंबर के माह में की जाती है। लगभग चार माह की तैयारी के बाद फाउंडेशन एग्जामिनेशन, जो की क्रमशः नवंबर/मई में कराई जाती है, की परीक्षा में उपस्थित होने का अवसर मिलता है। फाउंडेशन कोर्स के सफलता पूर्वक समापन के बाद इंटरमीडिएट कोर्स के लिए पुनः बोर्ड ऑफ़ स्टडीज(BoS) में रजिस्टर करना होता है। IPCE का यह रजिस्ट्रेशन, एग्जाम आयोजित होने वाले माह से 9 महीने पहले करना अनिवार्य होता है। इंटरमीडिएट IPCE एवं फाइनल एग्जाम का आयोजन भी वर्ष में दो बार मई एवं नवंबर के महीने में किया जाता है।

इंटीग्रेटेड प्रोफेशनल कॉम्पिटेंस कोर्स  अथवा CA इंटरमीडिएट एग्जाम को दो ग्रुप्स में विभाजित किया गया है। ग्रुप-1 में :-

1. एकाउंटिंग — 100 मार्क्स

2. बिज़नेस लॉ, एथिक्स एंड कम्युनिकेशन — 100 मार्क्स

3. कॉस्ट एकाउंटिंग एंड फाइनेंसियल मैनेजमेंट –100 मार्क्स

4. टैक्सेशन

4A. इनकम टैक्स –50 मार्क्स

4B. इन डायरेक्ट टैक्स — 50 मार्क्स

ग्रुप-2 में

5. एडवांस एकाउंटिंग –100 मार्क्स

6. ऑडिटिंग एंड एस्युरेंस — 100 मार्क्स

7. इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड  स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट

7A. इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी–50 मार्क्स

7B. स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट — 50 मार्क्स  

कैंडिडेट द्वारा इन सभी विषयो में न्यूनतम 40 मार्क्स एवं एग्रीगेट 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है। यदि कैंडिडेट ने किसी विषय में 60% अंक प्राप्त किया हो एवं एग्रीगेट में अंक 50% से कम हों तो पुनः परीक्षा  देने की स्थिति में उस विषय विशेष की परीक्षा देना आवश्यक नहीं समझा जाता है । लगभग 8 माह के इस कोर्स के दोनों ग्रुप्स को अथवा किसी एक ग्रुप को भी पास करने के उपरांत तीन वर्षीय प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। यह 3 वर्ष इंटर्नशिप का होता है जिसे कैंडिडेट को किसी सर्टिफाइड CA के अंदर रह कर एकाउंटेंसी के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने हेतु अनिवार्य माना जाता है। एक अन्य 1 माह का कोर्स “एडवांस इंटीग्रेटेड कोर्स ऑन  इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड सॉफ्ट स्किल”(ICITSS), जिसे इंटरमीडिएट कोर्स के रजिस्ट्रेशन के बाद एवं प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के आरंभ होने से पहले पास करना होता है।

इंटरमीडिएट एग्जाम के दोनों ग्रुप्स को पास करने के उपरांत फाइनल एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन का अवसर उपस्थित होता है, परन्तु यहां भी 1 माह का “एडवांस इंटीग्रेटेड कोर्स ऑन इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड सॉफ्ट स्किल” (AICITSS) की एक परीक्षा होती है जिसे प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के आखरी दो वर्षों में एवं फाइनल एग्जाम में एपियर होने से पहले क्लियर करना आवश्यक होता है।  

फाइनल एग्जाम के भी दो ग्रुप्स होते हैं।

ग्रुप 1 में फाइनेंसियल रिपोर्टिंग, स्ट्रैटेजिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट, एडवांस ऑडिटिंग एंड प्रोफेशनल एथिक्स एवं कॉर्पोरेट एंड इकोनॉमिक्स लॉ आदि विषय शामिल होते हैं एवं ग्रुप 2 में स्ट्रैटेजिक कॉस्ट मैनेजमेंट एंड परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन, रिस्क-मैनजमेंट, फाइनेंसियल सर्विसेज एंड कैपिटल मार्केट, इंटरनेशनल टैक्सेशन, इकोनॉमिक्स-लॉ, ग्लोबल फाइनेंसियल रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स, मल्टीडिसिप्लिनरी केस स्टडी, डायरेक्ट टैक्स एंड इंटरनेशनल टैक्सेशन एवं इनडायरेक्ट टैक्स लॉ के विषय शामिल रहते हैं।

प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के आखरी 6 माह के दरम्यान फाइनल एग्जाम में अपीयर होना होता है जहां इसके दोनों ग्रुप्स के पेपर क्लियर करने के बाद सदस्यता मिलती है।

डायरेक्ट एंट्री रूट के माध्यम से इस क्षेत्र में प्रवेश करने हेतु कैंडिडेट के पास कॉमर्स स्ट्रीम से ग्रेजुएशन अथवा पोस्ट ग्रेजुएशन में  न्यूनतम 55% अंकों का होना आवश्यक होता है, जहां इनके विषय एकाउंटिंग, ऑडिटिंग, मर्चेंट लॉ, कॉर्पोरेट लॉ, इकोनॉमिक्स, फाइनेंसियल मैनजमेंट, टैक्सेशन, कॉस्टिंग  एवं बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन आदि आपेक्षित होते हैं। ऐसे ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट्स जो गैर कॉमर्स स्ट्रीम्स से आते हैं, उनके लिए भी  इस क्षेत्र में प्रवेश हेतु न्यूनतम 60% अंकों  की अहर्ता किसी रेकग्नाइज़्ड यूनिवर्सिटी या ओपन यूनिवर्सिटी से स्वीकृत मानी जाती  है।

ऐसे कैंडिडेट जिन्होंने इंस्टिट्यूट ऑफ़ कॉस्ट एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया अथवा इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षा पास की हो, वे भी डायरेक्ट रूट से इस कोर्स प्रवेश ले सकते हैं। ऐसे कैंडिडेट को फाउंडेशन एग्जाम क्लियर करने की आवश्यकता नहीं होती ये CA  इंटरमीडिएट कोर्स के लिए सीधे रजिस्टर कर सकते हैं। ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर के विद्यार्थी भी इंटरमीडिएट कोर्स के लिए रजिस्टर कर सकते हैं परन्तु यह रजिस्ट्रेशन अंतरिम(provisional) आधार पर ही होता है। यह रजिस्ट्रेशन कैंडिडेट द्वारा ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के परीक्षा के पास करने के बाद  छः माह के अंदर ही मार्क्स शीट जमा कर देने पर  नियमित माना जाता है। प्रोविशनल रजिस्ट्रेशन के समय अंतराल में कैंडिडेट को ICITSS (ओरिएंटेशन कोर्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी) की परीक्षा क्लियर करना होता है। 

चार्टेड अकाउंटेंट (CA), में डायरेक्ट एंट्री की अहर्ता रखने वाले कैंडिडेट सर्वप्रथम बोर्ड ऑफ़ स्टडीज(BoS) में सीधे इंटरमीडिएट कोर्स के लिए  रजिस्टर करते हैं। जिसके बाद वें इंटरमीडिएट कोर्स के दोनों पेपर के साथ  ICITSS का एक पेपर क्लियर करते हुए 3 वर्षीय प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए रजिस्टर करते हैं। इंटरमीडिएट कोर्स के दोनों पेपर क्लियर करने के बाद फाइनल कोर्स में रजिस्ट्रेशन होता है यहां पुनः AICITSS का एक पेपर होता है जिसके बाद फाइनल एग्जाम के दोनों ग्रुप के पेपर क्लियर करने होते हैं।        

“Class aptent taciti sociosqu ad litora per conubia nostra, per inceptos himenaeos .Aenean non turpis vitae ligula tristique sagitt isras varius erat pulvinar eros pretium”

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Vivamus quis arcu est. Quisque posuere est arcu, id hendrerit orci pulvinar id. Cras egestas metus sit amet felis accumsan, vitae placerat libero sodales. Morbi efficitur maximus massa et aliquam. Quisque vel viverra augue.

Nullam scelerisque erat nisl, eu aliquet quam porttitor et. Aliquam molestie sem augue, non egestas nunc sagittis in. Suspendisse vehicula turpis eget leo sollicitudin, dapibus commodo massa facilisis.

Ut ac tortor eget nibh condimentum congue. In facilisis porttitor iaculis. Etiam vestibulum, nisl nec molestie egestas, velit lorem venenatis tellus, pellentesque blandit nulla sapien accumsan velit. Vivamus purus nunc, dictum nec elit viverra, semper iaculis risus.

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Vivamus quis arcu est. Quisque posuere est arcu, id hendrerit orci pulvinar id. Cras egestas metus sit amet felis accumsan, vitae placerat libero sodales. Morbi efficitur maximus massa et aliquam. Quisque vel viverra augue.

Nullam scelerisque erat nisl, eu aliquet quam porttitor et. Aliquam molestie sem augue, non egestas nunc sagittis in. Suspendisse vehicula turpis eget leo sollicitudin, dapibus commodo massa facilisis.

“Class aptent taciti sociosqu ad litora torquent per conubia nostra, per inceptos himenaeos.Aenean non turpis vitae ligula tristique sagittis. Cras varius erat pulvinar eros pretium suscipit. Duis eleifend sit amet sapien sed ultricies.”

Ut ac tortor eget nibh condimentum congue. In facilisis porttitor iaculis. Etiam vestibulum, nisl nec molestie egestas, velit lorem venenatis tellus, pellentesque blandit nulla sapien accumsan velit. Vivamus purus nunc, dictum nec elit viverra, semper iaculis risus.