बैचलर ऑफ़ फार्मा

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By NICK JOHNSON

 B.Pharma(बैचलर ऑफ़ फार्मा) : मानवता के इतिहास में रोगो का आक्रमण सदा से रहा है| इसके साथ ही इनके उपचार और निवारण की व्यवस्था भी होती आयी है | किसी भी रोग सम्बंधित दवा के प्रयोग से पहले उसकी क्षमता , प्रभाव एवं दुष्प्रभाव इत्यादि अनेक महत्वपूर्ण आयाम हैं  जिनके  विस्तृत अन्वेषण में फार्मासिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है  | स्वास्थ सम्बंधित इस अति महत्वपूर्ण एवं जिम्मेवार उद्योग में  जहां रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग से ले कर समाज के विभिन्न हिस्सों तक सप्लाई और मार्केटिंग का कार्य समाहित होता है वह फार्मासिस्ट के सहयोग के बिना पूरा करना संभव नहीं | एक फार्मेसी प्रैक्टिशनर जिसे  मेडिसिन की अच्छी समझ होती है मौलिक रूप से ड्रग्स के डेवलपमेंट एवं आवश्यक रूपांतरण के सन्दर्भ में रिसर्च करता है एवं फार्मेसी कौंसिल के नियमो के अधीन रह कर इन ड्रग्स की quality को कंट्रोल करता है

किसी ड्रग या मेडिसिन को  डॉक्टर द्वारा प्रेस्क्राइब होने से पहले  कई प्रकार के टेस्ट एवं अप्रूवल से गुजरना होता है, इसकी उचित मात्रा एवं साइड इफ़ेक्ट के अध्ययन के अतिरिक्त इसे लैब में अनेक मानक पुरे करने होते है |फार्मासिस्ट इस सम्पूर्ण प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग होता है | इतना ही नहीं बल्कि किसी नए ड्रग्स या मेडिसिन की जानकारी विभिन्न मेडिकल प्रैक्टिसनर्स  या डॉक्टर्स को देने की जिम्मेवारी भी किसी फार्मासिस्ट की ही होती है | विभिन्न मानव शरीरों पर एक ही ड्रग्स की  भिन्न- भिन्न प्रतिक्रिया हो सकती है ऐसे में ड्रग्स डेवलपमेंट की प्रक्रिया और भी कॉम्प्लिकेटेड हो जाती है परिणाम स्वरूप फार्मासिस्ट को मेडिसिन एवं प्रोडक्ट के सन्दर्भ में एक विस्तृत सर्वे का संचालन करना होता है जहा उसे डॉक्टर्स , डिस्ट्रीब्यूटर्स  इत्यादि के सहयोग से ड्रग्स के साइड इफेक्ट्स , रिएक्शन एवं अलर्जी इत्यादि का अध्ययन करना होता है | मूल रूप से फार्मेसी , स्वास्थ से जुड़े सभी तत्व जैसे : मेडिसिन,कास्मेटिक, लाइफ स्टाइल प्रोडक्ट्स ,हेल्थ एवं केमिकल प्रोडक्ट्स से जुड़ा एक बहुत बड़ा उद्योग है |   

 फार्मेसी  सेक्टर के कार्य उसके विभिन्न सेग्मेंट्स द्वारा संचालित होते है जिनमे हॉस्पिटल /क्लीनिकल फार्मेसी , इंडस्ट्रियल फार्मेसी एवं फार्मेसी रेगुलेटर्स इत्यादि प्रमुख हैं | मेडिकल एंड हेल्थ केयर इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए बैचलर ऑफ़ फार्मेसी की डिग्री एक गेट-वे की तरह है जहां फार्मास्यूटिकल, फार्माकोलॉजी,फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, एवं फार्माकोग्नॉसी का अध्ययन बतौर कोर सब्जेक्ट किया जाता है|  

बैचलर ऑफ़ फार्मेसी (B Pharma) में दाखिला लेने के लिए अभ्यर्थी के पास 10+2 में फिजिक्स केमिस्ट्री व मैथ अथवा बायोलॉजी में न्यूनतम 45% से 50% अंक होने चाहिए , हालाँकि यह मानक  विभिन्न यूनिवर्सिटीज के लिए भिन्न भिन्न हो सकते है | हमारे देश में लगभग 1356 ऐसे कॉलेज है जहाँ बी फार्मा की पढाई करायी जाती है | 10+2 पास विद्यार्थियों के लिए कुछ प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम इस प्रकार हैं:- 

1  UPSEE(उत्तर प्रदेश स्टेट एंट्रेंस एग्जामिनेशन ) :- यह डॉ अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगी परीक्षा है जिसमे उत्तर प्रदेश के लगभग 840 कॉलेज/इंस्टिट्यूट भाग लेते है | डिप्लोमा या समतुल्य अभ्यर्थियों के लिए UPSEE द्वारा लेटरल एंट्री से सेकंड ईयर में डायरेक्ट एडमिशन की भी व्यवस्था है| कुछ प्रमुख कॉलेज व यूनिवर्सिटीज जो UPSEE के स्कोर को मान्यता देते है वे हैं :-IIT कानपुर, MNNIT एलाहाबाद, IIITएलाहाबाद,अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी,हारकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी,गलगोटिया एजुकेशनल इंस्टीटूशन,जी ऐल बजाज,शारदा यूनिवर्सिटी, ए के गर्ग ,एवं एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस इत्यादि |   दाखिले के लिए upsee.nic.in द्वारा UPSEE के ऑफिसियल वेब साइट पर अप्लाई करने की औपचारिकता पूरी की जा सकती है |

2 CUCET B Pharm (सेंट्रल यूनिवर्सिटीज कॉमन एंट्रेंस टेस्ट):- यह राष्ट्रिय स्तर पर देश के 14 केंद्रीय यूनिवर्सिटीज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित प्रतियोगी परीक्षा है | अभ्यर्थी को इन केंद्रीय विश्व विद्यालयों से बैचलर डिग्री प्रोग्राम में दाखिला लेने के लिए रेकग्नाइज़्ड बोर्ड से क्लास 12 पास होना आवश्यक होता है|  जनरल के लिए 50% एवं SC /ST  के लिए 45 % न्यूनतम अंक अनिवार्य है |

यह भी, कि यदि कैंडिडेट ने UGC-CSIR JRF, GATE, NBHM जैसे प्रतियोगी परीक्षा अथवा किसी अन्य राष्ट्रिय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा क्लियर की हो तो उसे CUCET के एंट्रेंस टेस्ट में भाग लेने की आवश्यकता नहीं होगी, यद्वपि CUCET में रजिस्टर करना अनिवार्य होगा | https://cucetexam.in/  वेब साइट द्वारा विभिन्न  औपचारिकता पूरी की जा सकती है |

3 IUET ( इंटीग्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) :- यह इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ द्वारा विभिन्न अंडर ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षा है |

ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने JEE Mains/JEE Advanced/UPSEE/CMAT/UPCATET/AMUEEE/Uni-GAUGE अथवा   राज्य स्तर का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर किया हो वे केवल सम्बंधित स्कोर कार्ड प्रस्तुति  द्वारा दाखिले की प्रक्रिया में भाग ले सकते है | https://www. admission.iul.ac.in

4 BITSAT( बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस एडमिशन टेस्ट):- यह प्रति वर्ष होने वाली कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT)है | जो BITS द्वारा अपने पिलानी , हैदराबाद एवं गोवा कैंपस के लिए आयोजित की जाती है | मान्यता प्राप्त किसी इंस्टिट्यूट से  फिजिक्स, केमिस्ट्री, व बायोलॉजी जैसे मुख्य विषयो के साथ इसमें भाग लेने वाले अभ्यर्थी के पास १२वी में कुल 75% अंक होने अनिवार्य है | https://www.bitsadmission.com

5 WBJEE(वेस्ट बंगाल जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन ) :- यह वेस्ट बंगाल जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन बोर्ड (WBJEEB) द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगी परीक्षा है |इसमें भाग लेने के लिए यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी मान्यता प्राप्त किसी इंस्टिट्यूट से  फिजिक्स, केमिस्ट्री, व बायोलॉजी जैसे मुख्य विषयो के साथ १२वी में कुल 60 % अंक प्राप्त किया हो |  www.wbjeeb.nic.in

इनके अतिरिक्त

HPCET(https://www.himtu.ac.in/)

MHT CET (https://www.mhtcet.mahaonline.gov.in)

BVP CET (https://www. bvuniversity.edu.in.)

DSAT (https://www. dsu.edu.in) 

HPCET(https://www.himtu.ac.in) एवं 

ITM NEST(https://wwwitmuniversity.ac.in) जैसे एंट्रेंस एग्जाम द्वारा भी B. Pharma में दाखिला लिया जा सकता है | 

फार्मेसी के विस्तृत संसार में B. pharma एक गेट वे की तरह है, करियर को बेहतर आयाम देने एवं विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए इस क्षेत्र में कई संभावनाएं है जैसे :-

एम फार्मा इन इंडस्ट्रियल फार्मेसी ,  एम फार्मा इन फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री ,  एम फार्मा इन फार्मास्यूटिकल एनालिसिस ,  एम फार्मा इन फार्मास्यूटिकल क्वालिटी अशुरन्स,एम फार्मा इन रेगुलेटरी अफेयर्स , एम फार्मा इन फार्मास्यूटिकल बायोटेक्नोलॉजी , एम फार्मा इनफार्मेसी प्रैक्टिस , एम फार्मा इन फार्माकोलॉजी एवं एम फार्मा इन फार्माकोग्नॉसी इत्यादि |

हमारे देश में फार्मेसी में करियर बनाने के सन्दर्भ में मुख्यतः मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव ,क्वालिटी कण्ट्रोल अफसर ,ड्रग इंस्पेक्टर ,फार्मासिस्ट , मार्केटिंग प्रोफेशनल इत्यादि नाम आते है जबकि रिसर्च के क्षेत्र में साइंटिस्ट , क्लीनिकल रिसर्च प्रोफेशनल , फ़ूड एंड कॉस्मेटिक प्रोडक्ट प्रोफेशनल ,क्लीनिकल ट्रायल रिसर्च एसोसिएट एवं फार्माकोलॉजिस्ट जैसे दायित्व वाले स्थान पर रह कर समाज एवं संसार के लिए काफी कुछ किया जा सकता है |

जॉब के क्षेत्र में भी B Pharma की मांग विशेष रूप से बनी रहती है |इंटरनेशनल फार्मास्यूटिकल फेडरेशन (FIP) के अनुसार फार्मेसी के क्षेत्र में एम्प्लॉयमेंट लगभग 75 % रजिस्टर एम्प्लॉय के साथ एक बड़ी हिस्सेदारी रखता है |हमारे देश में ऐसी कम्पनीज जो BPharma ग्रेजुएट्स को रिक्रूट करती हैं इस प्रकार है :-  लूपिन , सिपला , पीरामल , सन फार्मास्यूटिकल , ऑरोबिंदो फार्मा , डॉ रेड्डी लैबोरेट्रीज , सेरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया लिमिटेड इत्यादि |