बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर

कोर्स, एडमिशन, जॉब, सैलरी, करियर

By अजय मिश्रा

 

बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर क्या होता है   Bachelor of Architecture overview

विभिन्न प्रकार के कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट, जैसे की बिल्डिंग, ब्रिज, टाउनशिप इत्यादि के निर्माण में आवश्यक बुनियादी समझ मसलन,उसकी पूर्ण योजना, डिज़ाइन, मजबूती, लागत, व आवश्यक सामग्री की पूर्ण रूप रेखा महत्वपूर्ण होती है | B.Arch एक फुल टाइम 5 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट डिग्री कोर्स है जिसमे उपरोक्त सभी तथ्यों से सम्बंधित थेओरिटिकल एवं प्रैक्टिकल नॉलेज के साथ व्यक्ति को पेशेवर लाइसेंस के साथ स्किल्ड किया जाता है, जिसके बाद वह किसी भी निजी अथवा सरकारी कंस्ट्रक्शन के लिए अधिकृत हो जाता है। किसी भी  मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण में आर्किटेक्चर इंजीनियर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस कोर्स में  प्रोजेक्ट का खाका (ब्लूप्रिंट) तैयार करने, उसके मॉडल का डिज़ाइन करने सम्बन्धी विभिन्न सैद्धांतिक विषय, स्टूडियो,प्रोजेक्ट वर्क, रीसर्च एवं प्रैक्टिकल ट्रैंनिंग आदि शामिल होते हैं। कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्रीज़ एवं व्यावसायिक उद्योग जगत में निरंतर हो रहे विकास के दृष्टि से आर्किटेक्चर इंजीनियर की प्रासंगिकता काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

 

बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग सब्जेक्ट Bachelor of Architecture Subjects

बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग  के विषय अधिकांशतः निर्माण व कंस्ट्रक्शन पर ही आधारित हैं यहां कुछ एक विषयों का परिचय कैंडिडेट में रूचि जानने की दृष्टि से दी जाती है।

आर्किटेक्चरल डिज़ाइन : यह किसी स्ट्रक्चर के विभिन्न अवयवों एवं तत्वों पर केंद्रित संकल्पना है जो निर्माण को  सुसंगत एवं कार्यात्मक बनाने के लिए की जाती है।

 थ्योरी ऑफ़ स्ट्रक्चर :  इसमें ब्रिज,बिल्डिंग,वॉल,डैम,टावर आदि के निर्माण एवं भार वहन करने से सम्बंधित फ्रेम, शेल, सॉलिड व लिक्विड जैसे विभिन्न आयामों का अध्ययन किया जाता है।

विज़ुअल आर्ट : यह ड्राइंग, पेंटिंग, स्कल्पचर, प्रिंट मेकिंग, डिज़ाइन, क्राफ्ट, फोटोग्राफी, वीडियो,सेरामिक आदि से जुड़ा अध्याय है।

बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम : यह इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क के माध्यम से बिल्डिंग के इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल उपकरणों को नियंत्रित एवं निगरानी करने से सम्बंधित है, जिसमे लिफ्ट व सुरक्षा के नियामकों के अलावे वेंटिलेशन(वायु-संचार), एयर कंडीशनिंग, लाइटनिंग आदि शामिल होते हैं। 

आर्किटेक्चर हिस्ट्री : यह शताब्दियों से चले आ रहे विभिन्न संस्कृति एवं परिदृश्य का अध्ययन है जिसमे प्राचीन मेसोपोटामिया, इजिप्ट एवं ग्रीक सभ्यताओं को आर्किटेक्ट के दृष्टि से पढ़ा व समझा  जाता है।

आर्किटेक्चरल अप्प्रेसिएशन : यह विभिन्न समय अंतराल में हुए महान आर्किटेक्ट विद्वानों का अध्ययन है, जिनकी समझ एवं संकल्पनाओं की प्रासंगिकता आज भी महत्वपूर्ण है। 

डिज़ाइन मेथोडोलॉजी : यह  निर्माण के क्षेत्र  में आये नए मेटेरियल, टेक्नोलॉजी, उपकरण एवं इनके प्रयोगों के कारण कार्य प्रणाली में आये नए आयाम के अध्ययन पर केंद्रित विषय है।

आर्किटेक्चरल ड्राइंग : जहां स्ट्रक्चरल ड्राइंग में लाइन वर्क ड्राइंग का प्रयोग होता है वही आर्किटेक्चरल ड्राइंग में अन्य विशेषताएं जैसे रूम फर्नीचर, बाथरूम एवं किचन उपकरणों का उल्लेख भी शामिल रहता है।  

इसके अतिरिक्त बी आर्च के कोर्स में कंप्यूटर एप्लीकेशन वर्कशॉप प्रैक्टिस आदि विषय शामिल होते है।

बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर सिलेबस (Bachelor of Architecture syllabus)

बी आर्च के  सिलेबस की बनावट कुछ इस प्रकार की गयी है जिससे कैंडिडेट को विषय सम्बन्धी बुनियादी समझ के साथ उसमें स्किल को विकसित किया जा सके। 5 वर्ष में विभाजित 10 सेमेस्टर का यह सिलेबस कुछ इस प्रकार है, यद्वपि विभिन्न कॉलेजों में इसकी रूप रेखा एक सामान नहीं होती।

सेमेस्टर 1:  आर्किटेक्चरल डिज़ाइन 1, विसुअल आर्ट्स एंड बेसिक डिज़ाइन 1,  कंप्यूटर एप्लीकेशन 1,  बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन 1, थ्योरी ऑफ़ स्ट्रक्चर 1, इनविरोन्मेंटल स्टडीज़,  मॉडल मेकिंग एंड वर्कशॉप,  ह्यूमेन सेटलमेंट एंड वर्नाक्युलर आर्किटेक्चर एवं  प्रोफेशनल कम्युनिकेशन 1 .

सेमेस्टर 2 : आर्किटेक्चरल डिज़ाइन 2,  विज़ुअल आर्ट्स एंड बेसिक डिज़ाइन 2,  कंप्यूटर एप्लीकेशन 2,  बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन 2,  थ्योरी ऑफ़ स्ट्रक्चर 2, क्लाइमेट रेस्पॉन्सिव डिज़ाइन,  सर्वेइंग एंड लेवलिंग, हिस्ट्री ऑफ़ आर्किटेक्चर 1, सोसिओलॉजी एंड कल्चर,  प्रोफेशनल कम्युनिकेशन 2

सेमेस्टर 3 : आर्किटेक्चरल डिज़ाइन 3, विसुअल आर्ट्स एंड बेसिक डिज़ाइन 3,  कंप्यूटर एप्लीकेशन 3,  बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन 3,  थ्योरी ऑफ़ स्ट्रक्चर 3,  वॉटर, वेस्ट एंड सैनिटेशन,  साइट प्लानिंग एंड लैंड स्केप स्टडीज़,  हिस्ट्री ऑफ़ आर्किटेक्चर  2,  आर्ट एंड आर्किटेक्चरल अप्प्रेसीएशन,  रीसर्च इलेक्टिव 1

सेमेस्टर 4 : आर्किटेक्चरल डिज़ाइन 4, विसुअल आर्ट्स एंड बेसिक डिज़ाइन 4, कंप्यूटर एप्लीकेशन 4, बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन 4, थ्योरी ऑफ़ स्ट्रक्चर 4, इलेक्ट्रिफिकेशन, लाइटिंग एंड एकॉस्टिक, सोलर एक्टिव एंड पैसिव सिस्टम्स, हिस्ट्री ऑफ़ आर्किटेक्चर 3, आर्ट एंड आर्किटेक्चरल अप्प्रेसीएशन 2, रीसर्च इलेक्टिव 2

सेमेस्टर 5 : आर्किटेक्चरल डिज़ाइन 5, बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन 5, थ्योरी ऑफ़ स्ट्रक्चर 5,  HVAC मेकैनिकल मोबिलिटी एंड फायर सेफ्टी, एनर्जी सिस्टम एंड रिन्यूएबल, हिस्ट्री ऑफ़ आर्किटेक्चर 4, डिज़ाइन मेथोडोलॉजी 2, आर्ट एंड आर्किटेक्चरल अप्प्रेसीएशन 3, आर्किटेक्चरल रीसर्च इलेक्टिव, आर्किटेक्चरल रीसर्च इलेक्टिव

सेमेस्टर 6 : आर्किटेक्चरल डिज़ाइन 6, बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन 6, थ्योरी ऑफ़ स्ट्रक्चर एंड डिज़ाइन 2, ग्रीन सिस्टम इंटीग्रेशन, सस्टेनेबल अर्बन हैबिटेट, स्पेसिफिकेशन एंड कॉन्टैक्ट, कंटेम्पररी आर्किटेक्ट, आर्किटेक्चरल थ्योरी, आर्ट एंड आर्किटेक्चरल अप्प्रेसीएशन 4

सेमेस्टर 7 : आर्किटेक्चरल डिज़ाइन 7,  वर्किंग ड्राइंग,  प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, आर्किटेक्चरल अप्प्रेसीएशन 4, आर्किटेक्चरल रीसर्च सेमिनार, आर्किटेक्चरल रीसर्च इलेक्टिव 5, आर्किटेक्चरल रीसर्च इलेक्टिव 6

सेमेस्टर 8  : प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

सेमेस्टर 9 : आर्किटेक्चरल डिज़ाइन 9, प्रोफेशनल प्रैक्टिस, अर्बन डिज़ाइन स्टडीज़, आर्किटेक्चरल रीसर्च डिज़र्टेशन /आर्ट थीसिस, आर्किटेक्चरल रीसर्च इलेक्टिव 7, आर्किटेक्चरल रीसर्च इलेक्टिव 8

सेमेस्टर 10 : आर्किटेक्चरल डिज़ाइन थीसिस, थीसिस डिज़ाइन  रीसर्च, प्रोफेशनल प्रैक्टिस आदि ।

 बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर एडमिशन (Bachelor of Architecture admission)  

हमारे देश में B.Arch में करियर बनाने हेतु किसी भी स्टूडेंट के पास निम्लिखित योग्यता का होना अनिवार्य है :-

1 . स्टूडेंट ने  मैथमेटिक्स के साथ 10 + 2 या समतुल्य (10+3 Diploma) 50 % अंकों के साथ पास किया हो |

2 . NATA ( नेशनल एप्टीटुड टेस्ट इन आर्किटेक्चर ) का एग्जाम क्लियर किया हो। यह CoA (कौंसिल ऑफ़ आर्किटेक्चर),के द्वारा आयोजित एक राष्ट्रिय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा है जो की हमारे देश में सभी आर्किटेक्चरल नियमों एवं उसकी जिम्मेवारियों का वहन करता है एवं सम्बंधित लाइसेंस प्रदान करता है | वे जो NITs, IITs, गवर्नमेंट इंस्टीटूशन,गवर्नमेंट एडेड इंस्टीटूशन, यूनिवर्सिटीज, डीम्ड यूनिवर्सिटीज एवं प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से सम्बंधित कॉलेज द्वारा B.Arch करना चाहते है उन्हें सम्बंधित परीक्षाओं  के अतिरिक्त NATA के  प्रतियोगी परीक्षा में भी भाग लेना अनिवार्य होता है | यह वर्ष में दो बार होने वाली प्रतियोगी परीक्षा है | NATA को स्वीकृत करने वाले कॉलेजो की संख्या 328 है एवं इसकी वेबसाइट http://www.nata.in है |

3. AAT(आर्किटेक्चर एप्टीटुड टेस्ट) :- यह IIT खड़गपुर के 43 सीट  एवं IIT रूरकी के 35 सीट्स के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी दिल्ली द्वारा आयोजित परीक्षा है, इसमें भाग लेने वाले प्रत्याशियों  के लिए  JEE Advanced में qualify होना अनिवार्य है | यहां यह भी जानना आवश्यक है कि इस अंडर ग्रेजुएट आर्किटेक्चर कोर्सेज में दाखिले के लिए JEE Advanced में रैंक की मान्यता होगी न कि AAT में प्राप्त किये हुए रैंक की| यद्वपि BArch में सीट अलॉटमेंट के सन्दर्भ में विद्यार्थी द्वारा AAT को qualify करना अनिवार्य होगा | AAT एग्जाम में भाग लेने के लिए JEE Advanced में  रजिस्ट्रेशन करते समय इसका चुनाव करने की व्यवस्था है | AAT एग्जाम के लिए कोई  अतिरिक्त एडमिट कार्ड नहीं दिया जाता बल्कि JEE Advanced Admit Card का ही प्रयोग कर के इस परीक्षा  भाग ले सकते है

JEE(main) एवं JEE Advanced में स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को NIT,IIT,IIIT के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला मिलता है। वहीं UPSEE(उत्तर प्रदेश ) एवं COMEDK(कर्नाटक) जैसे अनेक राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं। कई प्राइवेट कॉलेज जैसे BITSAT, SRMJEEE आदि अपने निजी स्तर पर भी एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन करते हैं। देश के अधिकांश कॉलेजों में एडमिशन JEE(main) में प्राप्त अंकों के आधार पर होता है वहीं कुछ इंस्टीटूशन में डायरेक्ट एडमिशन की भी व्यवस्था होती है । हमारे देश में इस कोर्स के लिए अधिकांश कॉलेजो की औसत फी INR 4 to INR 10 लाख होती है। इस कोर्स के लिए सरकारी कॉलेजों में औसतन फी  INR 2 से INR 4 लाख ली जाती है वही  कुछ प्राइवेट कॉलेजों में इस कोर्स के लिए  में INR 3 से INR 6 लाख रूपए तक फी ली जाती है। बी टेक (बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग) कोर्स में डायरेक्ट एडमिशन, मेरिट अथवा मैनेजमेंट कोटा के माध्यम से  भी लिया जाता है जिसकी औपचारिकता  www.yuvaindia.in के माध्यम से भी पूरी की जा सकती है।हमारे देश में बी आर्च कोर्स का आयोजन करने वाले कुछ प्रमुख संस्थानों के नाम हैं :-

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मुंबई

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी दिल्ली

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी NIT

पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़

स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली

गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर,लखनऊ

गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, त्रिचूर (स्कूल ऑफ़ आर्किटेक्चर)

गवर्नमेंट  कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर  एंड स्कल्प्चर ,माँमल्लापुरम आदि।

बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर जॉब Bachelor of Architecture job

परम्परागत रूप  से बी आर्च ग्रेजुएट, आर्किटेक्ट के ही क्षेत्र में जॉब के लिए  उपयुक्त  माने जाते हैं। जहां ये विभिन्न कंस्ट्रक्शन के लिए डिज़ाइन करना, निर्माण के क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के साथ सहयोग करना आदि कार्यो का निर्वहन करतें है। आम तौर पर  टाउन प्लानिंग, रिहायशी अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। साधारणतः इन्हें निर्माण से जुडी कम्पनीज़ में डिज़ाइन आर्किटेक्ट, प्रोजेक्ट असिस्टेंट, इंटीरियर डिज़ाइनर, प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट एवं अर्बन प्लानर आदि पदों पर काम करने का अवसर मिलता है। जॉब की दृष्टि से हमारे देश में इनके लिए कई  प्राइवेट अथवा सरकारी  संस्थान उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए सरकारी क्षेत्र में  PWD (पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट), हिंदुस्तान प्रेफेब लिमिटेड, नेशनल बिल्डिंग ऑर्गनाइज़ेशन, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ अर्बन अफेयर, रक्षा मंत्रालय, सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, हाउसिंग बोर्ड, डिपार्टमेंट ऑफ़ रेलवे, अर्चिलोजिकल डिपार्टमेंट, अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एवं पब्लिक सर्विस कमीशन आदि हैं । वहीं प्राइवेट निजी क्षेत्र में  DLF लिमिटेड, जिंदल,  IMAXE, L&T, स्लीक इंटरनेशनल, HBA इंटरनेशनल, अरकॉप एसोसिएट्स, ग्रीन प्लाई इंडस्ट्रीज़, सोमैया एंड कलप्पा कंसलटेंट, हाफेल इंडिया, सी. पी. कुकरेजा एसोसिएट्स आदि कुछ प्रमुख नाम हैं।

 

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बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर सैलरी  Bachelor of Architecture Salary

सैलरी के सन्दर्भ में बी आर्च ग्रेजुएट्स को कंपनी, जॉब प्रोफ़ाइल, अनुभव एवं दक्षता आदि तथ्यों पर निर्भर होना होता है। हमारे देश में फ्रेशर बी आर्च ग्रेजुएट्स की औसत सैलरी INR 4 लाख से INR 5 लाख प्रति वर्ष तक होती है। 5 वर्ष के अनुभव के बाद यह INR 8 से INR 10 लाख प्रति वर्ष तक हो जाती है। सरकारी क्षेत्रों के तुलना में निजी क्षेत्रों का सैलरी स्तर अधिक होता है, वहीं USA आदि देशों में यह रकम 95000 डॉलर के आस पास होती है। जॉब प्रोफ़ाइल के दृष्टि से भी सैलरी पैकेज में भिन्नता देखी जाती है, उदाहरण के लिए

इंटीरियर डिज़ाइनर – INR 3.04 लाख

प्रोजेक्ट असिस्टेंट – INR 3.12 लाख

डिज़ाइन आर्किटेक्ट – INR 3.67 लाख

अर्बन प्लानर – INR 5.25 लाख

प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट – 5.97 लाख  आदि।

बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर करियर (Bachelor of Architecture career)

अधिकांश आर्किटेक्ट अपने करियर की शुरुआत बतौर कंसलटेंट करते है, यद्यपि ऐसे विभिन्न कम्पनीज है जैसे :-,Gaursons India, DLF, Architect Hafeez Contractor, Oscar & Ponni Architects, Christopher Charles Benninger Architects, Shapoorji Pallonji & Co. Ltd., Somaya & Kalappa Consultants, RSP Architects Ltd, Kembhavi Architecture Foundation, C P Kukreja Associates, Raj Rewal Associates, Dar Al Handasah, Shilpa Architects एवं Arcop जो अपने यहां विभिन्न पदों पर जैसे :-प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट, आर्किटेक्चर डिज़ाइनर,  इंटीरियर डिज़ाइनर, डिज़ाइन मैनेजर, इंटीरियर आर्किटेक्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिज़ाइन आर्किटेक्ट  के लिए जॉब ऑफर करते है |  हालाँकि  कम्पनीज, यूनिवर्सिटीज एवं आर्किटेक्ट फर्म्स के अलावे विदेशों में जैसे USA ,ऑस्ट्रेलिया एवं दुबई इत्यादि जगहों पर इनके लिए जॉब एवं करियर की असीम संभावनाएं हैं। ग्रेजुएशन के बाद कई कैंडिडेट हायर स्टडी का चुनाव भी करतें  हैं।

M.Arch (मास्टर ऑफ़ आर्किटेक्चर) एवं Ph.D इन आर्किटेक्चर के लिए विभिन्न विषय जैसे ट्रांसपोर्ट प्लानिंग, हिस्ट्री ऑफ़ पिडगोजी(Pedagogy), इंटीरियर डिज़ाइन, अर्बन व रूरल प्लानिंग, कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट,आर्किटेक्ट थ्योरी, एवं लैंडस्केप डिज़ाइन आदि करियर के लिहाज से सर्वोत्तम माना जाता है।