डिप्लोमा इन साइबर लॉ

आधुनिक युग में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी पर हमारी निर्भरता अपने महत्व को स्वयं प्रकाशित करती है। जीवन के विभिन्न आयाम चाहे वे व्यक्तिगत हों, व्यावसायिक हों अथवा पेशेवर हो कोई भी क्षेत्र साइबर सेक्टर से अछूता नहीं। डिप्लोमा इन साइबर लॉ, कैंडिडेट को इंटरनेट के उपयोग में निहित विभिन्न क़ानूनी नियमावलियों से सम्बन्धित एक व्यापक ज्ञान प्रदान करता है। इस प्रोग्राम के माध्यम से इंटरनेट के प्रयोग से सम्बंधित महत्वपूर्ण नियमो के अतिरिक्त कैंडिडेट को साइबर क्राइम के रोक थाम से सम्बंधित पेशेवर योग्यता दी जाती है। चूँकि इस प्रोग्राम में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की जटिलताएं भी सम्मिलित हैं अतः कैंडिडेट के पास कंप्यूटर सम्बंधित पृष्ठ भूमि का होना भी आवश्यक होता है। डिप्लोमा इन साइबर लॉ के पाठ्यक्रम में कैंडिडेट, सम्बंधित विषयों का अवलोकन एक व्यापक स्तर पर करता है, जिसमे डाटा प्रोटेक्शन एंड प्राइवेसी, इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस, टेलीकम्युनिकेशन एवं सिक्योरिटी ऑफ़ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी आदि शामिल होते हैं। इंटरनेट अथवा साइबर के नियम अंतर्देशीय या अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही स्तर पर अपना प्रभाव रखते हैं एवं इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के बढ़ते व्यवहार से उत्पन्न  नित्य नए क़ानूनी चुनौतियों के कारण इस क्षेत्र में प्रतिभा की भी प्रचंड आवश्यकता बनी रहती है। शत्रु देश के अतिरिक्त असामाजिक तत्वों द्वारा किये जा रहे कृत्यों जैसे हैकिंग ऑफ़ एकाउंट, वायरस अटैक अथवा साइबर टेरोरिज़्म इत्यादि के लिए रक्षा तंत्र का सञ्चालन इस क्षेत्र की प्रोत्साहनीय जिम्मेवारियां हैं। इस प्रोग्राम का सिलेबस थेओरिटिकल विषयों के अतिरिक्त कंप्यूटर लैब पर आधारित होता है। जिसमे स्टूडेंट को विभिन्न इंडस्ट्रीज के तौर तरीकों जैसे कॉपी राइट, डोमेन नेम, हैकिंग एवं साइबर लॉ से सम्बंधित एक मजबूत व मूलभूत आधार दिया जाता है।

1 वर्षीय डिप्लोमा इन साइबर लॉ में एडमिशन लेने हेतु अभ्यर्थी  का किसी भी स्ट्रीम्स आर्ट्स / कॉमर्स /साइंस  में 10+2 होना आवश्यक है। कंप्यूटर इत्यादि विषयों के साथ प्राप्त की गयी शिक्षा इस क्षेत्र के लिए एक अतिरिक्त फायदे के रूप में देखा जा सकता है। एडमिशन की प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट पर आधारित होती है, यद्वपि विभिन्न इंस्टीटूशन्स के अपने नियम व कायदे हैं। अभ्यर्थी इस प्रोग्राम के लिए ऑनलाइन अथवा  ऑफलाइन माध्यमों से अप्लाई कर सकते हैं जहां कॉलेजेस अथवा इंस्टीटूशन्स के वेबसाइट पर सभी आवश्यक सूचनाये जैसे एंट्रेंस एग्जाम की तिथि, एडमिशन की तारीख, शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट के नाम इत्यादि देखे जा सकते हैं। इस प्रोग्राम की फी  INR 2300 से INR 15000 के मध्य  होती है।       

देश में इस कोर्स के लिए उपलब्ध कॉलेजेस में कुछ के नाम हैं :-

आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज (AIIMAS) चेन्नई

गवर्नमेंट लॉ कॉलेज मुंबई

सेंट्रल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़  मैनेजमेंट स्टडीज (CIIMS) जबलपुर MP

डॉ डी वाई पाटिल लॉ कॉलेज पुणे/मुंबई

बिशॉप कॉटन वूमेंस क्रिस्टियन लॉ कॉलेज बंगलौर

डॉ राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी लखनऊ

सेंट एण्ड्रूस कॉलेज गोरखपुर आदि |

चूँकि इस प्रोग्राम में “लॉ” जैसे विषय का विशेष प्रभाव होता है अतः करियर के दृष्टिकोण से इस  प्रोग्राम में अनेको सम्भावनाये उपलब्ध हैं। ऐसे विद्यार्थी जिनकी लॉ सम्बंधित पृष्ठभूमि हो अथवा जिनकी रूचि लॉ विषय में हो वे इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एवं लॉ के पेचीदगियों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त हो सकते है। उम्मीदवारों से ये अपेक्षा रहती है कि वे  लॉजिकल एवं एनालिटिकल स्किल के साथ साइबर स्पेस के विभिन्न नियमावलियों पर अपना नियंत्रण विकसित कर सकें, ताकि क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विभाग जैसे पुलिस डिपार्टमेंट, कॉर्पोरेट हाउसेस एवं IT कम्पनीज जैसे संस्थानों में कुशलता पूर्वक कार्य कर सकें।  साधरणतः इन्हे साइबर कंसलटेंट, रिसर्च असिस्टेंट, सिक्योरिटी ऑडिटर या नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर जैसे पद ऑफर किये जाते हैं जहां ये  INR 3 लाख से INR 8 लाख तक के  पैकेज पर कार्य करते हैं।

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