डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्निक्स

मेडिकल उपकरणों द्वारा शरीर में उत्पन्न अतिरिक्त जल (वाटर कंटेंट), सोल्युट (घुला हुआ पदार्थ), एवं अन्य विषाक्त पदार्थों को ब्लड से बाहर निकालने की प्रक्रिया डायलिसिस(Dialysis) कही जाती है। यह आम तौर पर ऐसे मरीजों से सम्बंधित चिकित्सा की प्रक्रिया है जिन्हे किडनी के रोग हो अथवा जिनकी किडनी ने प्राकृतिक रूप से काम करना बंद कर दिया हो। बदलते जीवन शैली के कारण पिछले कुछ दशकों से किडनी सम्बन्धी रोगियों की संख्या बढ़ी है,परिणाम स्वरूप उसी स्तर पर  विभिन्न हॉस्पिटल्स अथवा क्लीनिक में डायलिसिस यूनिट भी स्थापित हुए हैं।

डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्निक्स एक सर्टिफिकेशन लेवल का कोर्स है जिसमे विद्यार्थियों को डायलिसिस के विभिन्न टेक्निक्स एवं प्रक्रियाओं के सम्बन्ध में बुनियादी स्तर पर  स्किल किया जाता है। साथ ही  सहायक स्तर पर मशीनों को ठीक तरीके से प्रयोग करने के अलावे  एक्सपर्ट द्वारा डायलिसिस के दौरान होने वाली जटिलताओं को सुलझाने की भी जानकारी दी जाती है। ऐसे विद्यार्थी जो तत्काल जॉब प्राप्ति की दृष्टि से एवं चिकित्सकीय सहयोगी की भूमिका में कार्य करने को उत्सुक हैं, मेडिसिन एवं ट्रीटमेंट का यह क्षेत्र उनके के लिए एक सही निर्णय माना जा सकता है।

साधारणतः इस कोर्स की अविधि 2 वर्ष होती है परन्तु कई इंस्टीटूशन्स में इसे 6 माह से 1 वर्ष की अविधि में भी पूरा कर दिया जाता है। इस कोर्स में सिलेबस का निर्धारण कुछ इस प्रकार किया जाता है जिससे विद्यार्थियों को सभी बेसिक आस्पेक्ट्स का ज्ञान क्रमिक तौर पर दिया जा सके, जैसे रोगी सम्बन्धी सुचना का संग्रह, मेडिकल रिपोर्टिंग चार्ट का निर्माण के अतिरिक्त नेफ्रोलॉजी,किडनी डिसऑर्डर, डायग्नोस्टिक टेस्ट एवं वेस्ट मैनेजमेंट आदि विषय शामिल रहते हैं।

डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्निक्स सर्टिफिकेशन कोर्स करने के लिये न्यूनतम शिक्षा 12वी तक साइंस विषय के साथ होनी आवश्यक है। एडमिशन की प्रक्रिया कैंडिडेट के हाई स्कूल के एग्जाम में परफॉरमेंस के आधार पर की जाती है। कई इस्टीटूट्स एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर दाखिला देते हैं, जबकि कुछ इसके साथ पर्सनल इंटरव्यू भी आयोजित करते हैं। साधारणतः इस कोर्स की फी INR15,000 से INR 1.5 लाख तक होती है। फी का स्तर कॉलेज के लोकेशन अथवा उसके प्राइवेट या गवर्नमेंट होने पर निर्भर करता है।

इस कोर्स के लिए टॉप इंस्टीटूशन में एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस(नॉएडा), ARC पारा मेडिकल इंस्टिट्यूट(कुरुक्षेत्र हरियाणा), एपेक्स स्कूल ऑफ़ डायलिसिस टेक्नोलॉजी(मुंबई), आदर्श मेडिकल कॉलेज(अम्बाला) एवं ओम साई पारा मेडिकल कॉलेज(चंडीगढ़एवं दिल्ली) आदि लोकप्रिय नाम हैं।

उत्तर प्रदेश स्थित कुछ कॉलेजों में, इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस BHU वाराणसी, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी IUL लखनऊ, नोवा इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्शिंग एंड पैरामेडिकल साइंस साइंस लखनऊ, बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी बरेली,IIMT ग्रुप्स ऑफ़ कॉलेज आगरा आदि के नाम आते हैं। 

सफलता पूर्वक कोर्स के समापन के उपरांत कैंडिडेट विभिन्न मेडिकल सेन्टर्स जैसे हॉस्पिटल, क्लीनिक, लैब, डायलिसिस यूनिट्स, एवं ट्रेनिंग सेंटर्स आदि में बतौर मेडिकल अटेंडेंट, डायलिसिस एग्जीक्यूटिव,थेराप्यूटिक असिस्टेंट, लैब असिस्टेंट,यूनिट सुपरवाइजर एवं ट्रेनर आदि पदों पर अपना करियर आरम्भ कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अपने स्किल अथवा नॉलेज को बढ़ाने के दृष्टिकोण से अपने ही पेशेवर क्षेत्र में हायर स्टडीज कर सकते हैं। 

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