क्या मांगता है ! JEE(MAIN)

NIT (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) हमारे देश में उच्च शिक्षा के लिए स्थापित एक ऑटोनोमस पब्लिक टेक्निकल यूनिवर्सिटी है, जो NIT कौंसिल द्वारा नियंत्रित की जाती हैं, एवं इसका वित्तीय भार स्वयं भारत सरकार उठाती है | हमारे देश में कुल 31 NIT कॉलेज हैं  जिनमें  20 पुराने स्थापित इंजीनियरिंग इंस्टीटूशन हैं जबकि 11 नए स्थापित किये हुए हैं  |

NIT कॉलेजेस में उपलब्ध लगभग 19000 सीट्स के लिए तक़रीबन दस लाख विद्यार्थी हर वर्ष JEE MAIN द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेते हैं | इन कॉलेजेस की भी रैंकिंग तय की जाती है |  NIT त्रिची,  NIT राउरकेला, NIT सूरथकल,  NIT वारंगल और NIT कालीकट इत्यादि इनमें  प्रमुख हैं |  इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए NIT निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण  डेस्टिनेशन है | यहाँ न केवल बेहतर लैब की सुविधाएं एवं रिसर्च संसाधन उपलब्ध कराये जाते है बल्कि NIT से पास- आउट वालों के लिए प्लेसमेंट की भी कोई चुनौती नहीं होती | अपने 95 % स्टूडेंट्स को हर वर्ष प्लेसमेंट देने वाली NIT, सैलरी पैकेज में भी अग्रगन्य है | SVNIT (सूरत) Rs.40 LPA+,  VNIT(नागपुर) Rs.22 LPA,  MNIT(इलाहाबाद)Rs.22.02 LPA,  NIT(उत्तराखंड) Rs.10 LPA आदि आंकड़े हमेशा आकर्षण का कारण बनते हैं | हालाँकि औसत सैलरी  पैकेज लगभग Rs 5 से 7 लाख के मध्य ही रहती है |

NIT में एडमिशन के लिए विचाराधीन  कैंडिडेट के पास 12th में  न्यूनतम 75%मार्क्स    ( SC/ST के लिए 65%) अथवा सम्बंधित  बोर्ड  द्वार आयोजित 12th के एग्जाम में टॉप 20 परसेंटाइल में होना आपेक्षित  होता है  | जहाँ तक NITs के CUT-OFF का सम्बन्ध है, टॉप 10 NIT कॉलेज  में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी को JEE MAIN में 175 मार्क्स (175 नॉर्मलाइज़ेशन मार्क्स)  एवं CBSE बोर्ड में 93% आपेक्षित है अर्थात इनका रैंक 20000 के अंदर होना होगा | हालाँकि 80+ परसेंटाइल स्कोर रिज़र्व केटेगरी के लिए एवं 95+ परसेंटाइल स्कोर जनरल केटेगरी के लिए  NIT में दाखिले के लिए पर्याप्त है |  उदाहरण के लिए :-  

      (NTA) परसेंटाइल स्कोर      अपेक्षित रैंक                        

                       97                      26,235

                       96                      34,980

                       95                      43,724

                       94                      52,469 

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा JEE Main की परीक्षा विभिन्न तारीखों पर एवं विभिन्न शिफ्टों में  ली जाती है, ऐसे में प्रस्तुत किये गए प्रश्न पत्रों का स्तर भी भिन्न होता है | जहाँ कठिन प्रश्न पत्रों पर स्टूडेंट कम अंक प्राप्त कर पाते हैं वहीं दूसरे तारीख या शिफ्ट पर दिए गए  तुलनात्मक रूप से आसान प्रश्न पत्रों पर इनका परफॉरमेंस भिन्न होता है | इस विसंगति को दूर करने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा  ‘नॉर्मलाइजेशन ‘ की प्रक्रिया को अपनाया जाता है | यह प्रक्रिया  “परसेंटाइल एक्विवैलेन्स मेथड ” पर आधारित होती है | 

परसेंटाइल स्कोर मूलतः यह बताता है की किसी प्रतियोगी का परफॉरमेंस स्तर उसके साथ भाग ले रहे अन्य प्रतियोगियों  के तुलना में कितना है | परसेंटाइल स्कोर, परसेंटेज स्कोर से सर्वदा भिन्न सूचकांक है | एक तरफ जहाँ परसेंटेज स्कोर कुल अंको में से  प्राप्त किये गए अंको को इंगित करता है, वही परसेंटाइल स्कोर यह निर्धारित करता है कि भाग लेने वाले कितने प्रतिशत विद्यार्थियों का अंक प्रतियोगी के अंक से कम अथवा बराबर आया है | 

     Marks                 Expected Percentile

     300                     100

   299 – 250            99 – 83.33

   249 – 200            83 – 66.66

JEE Main में सीट रिजर्वेशन :-

OBC ( नॉन क्रीमी लेयर ) :- 27% ;    SC 15%;      ST 7.5%; एवं   PwD     3% (40% या अधिक विकलांगता ) हैं |     

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